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यूपी में बनेगा स्पेशलाइज्ड रेस्क्यू ग्रुप, 240 कर्मियों को मिलेगी NDRF स्तर की ट्रेनिंग

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उत्तर प्रदेश में आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा कदम उठाया है, राज्य सरकार अब एनडीआरएफ की तर्ज पर विशेषीकृत रेस्क्यू ग्रुप (SRG) का गठन करेगी, पहले चरण में प्रदेश के 10 जिलों में इसकी स्थापना की जाएगी और 240 कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।

अग्निशमन एवं आपात सेवा विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बदलते आपदा परिदृश्य और बढ़ती चुनौतियों को देखते हुए आधुनिक और प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम की आवश्यकता है, इसी उद्देश्य से स्पेशलाइज्ड रेस्क्यू ग्रुप का गठन किया जा रहा है।

आधुनिक उपकरणों से लैस होगी टीम

सरकार के अनुसार यह विशेष रेस्क्यू ग्रुप भवन ध्वस्त होने, बाढ़, रासायनिक दुर्घटनाओं, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बचाव कार्य और संकरे स्थानों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने जैसे जटिल अभियानों को अंजाम देगा, टीम को आधुनिक उपकरणों और तकनीकों से लैस किया जाएगा। इसके साथ ही चयनित 240 कर्मियों को एनडीआरएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी और सीआईएसएफ जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।

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हर तहसील तक पहुंचेगी फायर सर्विस

मुख्यमंत्री ने कहा कि फायर सर्विस अब केवल आग बुझाने तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह नागरिकों के जीवन, उद्योगों और निवेश की सुरक्षा से भी जुड़ा महत्वपूर्ण विभाग बन चुका है, वर्तमान में प्रदेश की 350 तहसीलों में से 296 तहसीलों में 326 स्थायी अग्निशमन केंद्र संचालित हैं, इसके अलावा 26 नए अग्निशमन केंद्र तैयार हो चुके हैं और जल्द ही उनका लोकार्पण किया जाएगा, सरकार का लक्ष्य शेष सभी तहसीलों तक भी फायर सर्विस की पहुंच सुनिश्चित करना है।

हाईराइज इमारतों के लिए विशेष अग्नि सुरक्षा व्यवस्था

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा, गाजियाबाद, लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और प्रयागराज जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहरों में बढ़ती हाईराइज इमारतों को देखते हुए विशेष अग्नि सुरक्षा व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए हैं, इसके तहत वर्ष 2026-27 में 102 मीटर क्षमता के 10, 90 मीटर क्षमता के 3 और 72 मीटर क्षमता के 7 अत्याधुनिक हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म खरीदे जाएंगे, जिससे ऊंची इमारतों में राहत और बचाव कार्यों को तेजी से अंजाम दिया जा सके।

9 वर्षों में दोगुनी हुई अग्निशमन क्षमता

समीक्षा बैठक में बताया गया कि वर्ष 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में अग्निशमन सेवाओं का व्यापक विस्तार हुआ है, अग्निशमन केंद्रों की संख्या 140 से बढ़कर 260 हो गई है, जबकि फायर वाहनों की संख्या 750 से बढ़कर 1660 तक पहुंच चुकी है, इसके अलावा 400 नए फायर वाहनों की खरीद प्रक्रिया भी जारी है, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को फायर ऑडिट, मॉक ड्रिल और जनजागरूकता अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।

फायर एनओसी व्यवस्था होगी और पारदर्शी

मुख्यमंत्री ने फायर एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर जोर दिया, उन्होंने कहा कि निवेशकों और आम नागरिकों को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी न हो, इसके लिए प्रक्रियाओं को तकनीक आधारित और जवाबदेह बनाया जाए।

उत्तर प्रदेश सरकार का स्पेशलाइज्ड रेस्क्यू ग्रुप बनाने का फैसला आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में बड़ा बदलाव साबित हो सकता है,आधुनिक प्रशिक्षण, उन्नत उपकरणों और मजबूत फायर सर्विस नेटवर्क के जरिए राज्य में आपातकालीन स्थितियों से निपटने की क्षमता पहले से कहीं अधिक मजबूत होगी।