नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने भारतीय विदेश नीति में हुए व्यापक बदलावों और उपलब्धियों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत की विदेश नीति का पूरी तरह से कायाकल्प हुआ है और अब भारतीय कूटनीति पहले की तुलना में अधिक सक्रिय, प्रभावशाली और नागरिक-केंद्रित बन चुकी है।सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा की गई अपनी विस्तृत पोस्ट में विदेश मंत्री ने बताया कि मोदी सरकार के कार्यकाल में विदेश मंत्रालय ने आम नागरिकों को केंद्र में रखकर कई बड़े सुधार किए हैं, जिससे विदेशों में रहने वाले भारतीयों और देश के नागरिकों को अभूतपूर्व सुविधाएं मिली हैं।
पासपोर्ट और अटेस्टेशन सेवाओं में आया बड़ा बदलाव
डॉ. एस. जयशंकर ने कहा कि पहले पासपोर्ट जारी कराने और दस्तावेजों के सत्यापन (Attestation) की प्रक्रिया काफी जटिल और समय लेने वाली होती थी। लेकिन अब डिजिटल तकनीक और प्रशासनिक सुधारों की मदद से इन सेवाओं को अधिक सरल, पारदर्शी और तेज बनाया गया है।उन्होंने बताया कि सरकार ने जन-शिकायतों के त्वरित समाधान और नागरिकों से फीडबैक प्राप्त करने के लिए आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किए हैं, जिससे लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध हो रही है।
संकट के समय भारतीयों की सुरक्षा बनी प्राथमिकता
विदेश मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक संकटों के दौरान अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।उन्होंने यूक्रेन, इजरायल, अफगानिस्तान और सूडान जैसे संघर्षग्रस्त क्षेत्रों से भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी का उल्लेख करते हुए कहा कि इन सफल अभियानों ने विश्व स्तर पर भारत की साख और विश्वसनीयता को मजबूत किया है।भारत की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता ने यह साबित किया है कि दुनिया के किसी भी कोने में मौजूद भारतीय नागरिक अकेला नहीं है और संकट की घड़ी में भारत सरकार उसके साथ खड़ी है।

44 नए दूतावास और वाणिज्य दूतावास खोले गए
विदेशों में रह रहे भारतीयों और प्रवासी समुदाय की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए भारत ने वैश्विक स्तर पर अपने राजनयिक नेटवर्क का विस्तार किया है।जयशंकर ने बताया कि पिछले 12 वर्षों में भारत ने विभिन्न देशों में 44 नए दूतावास और वाणिज्य दूतावास (Embassies & Consulates) स्थापित किए हैं। इससे भारतीय नागरिकों को बेहतर कांसुलर सेवाएं और सहायता उपलब्ध हो रही है।
भारतीय युवाओं के लिए खुले वैश्विक अवसर
विदेश मंत्री ने कहा कि भारत ने 21 वैश्विक गतिशीलता समझौतों (Mobility Partnerships) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिनके माध्यम से भारतीय युवाओं और पेशेवरों के लिए अंतरराष्ट्रीय रोजगार और करियर के नए अवसर पैदा हुए हैं।इन समझौतों से विदेशों में शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास के क्षेत्र में भारतीयों की पहुंच और मजबूत हुई है।
विदेश नीति बनी आर्थिक विकास का माध्यम
जयशंकर ने कहा कि वर्तमान भारतीय विदेश नीति केवल कूटनीतिक संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे देश के आर्थिक विकास से भी जोड़ा गया है।उन्होंने बताया कि विदेश मंत्रालय भारतीय कंपनियों और व्यवसायों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने, निर्यात बढ़ाने और निवेश आकर्षित करने में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। इससे भारत की आर्थिक प्रगति को नई गति मिली है।
‘India First’ नीति से बढ़ा भारत का वैश्विक प्रभाव
विदेश मंत्री ने स्पष्ट कहा कि आज भारत का हर अंतरराष्ट्रीय निर्णय राष्ट्रीय हितों और ‘India First’ की नीति से प्रेरित होता है।उन्होंने कहा कि वैश्विक मंचों पर भारत की मजबूत उपस्थिति और स्वतंत्र विदेश नीति ने प्रत्येक भारतीय को विदेश यात्रा के दौरान अधिक आत्मविश्वास और सम्मान का अनुभव कराया है।
विदेश मंत्रालय 24×7 नागरिकों की सेवा में
जयशंकर ने कहा कि भारतीय कूटनीति अब चौबीसों घंटे यानी 24×7 देश और नागरिकों की सेवा में समर्पित है। विदेश मंत्रालय लगातार ऐसी व्यवस्था विकसित कर रहा है जिससे दुनिया के किसी भी हिस्से में रहने वाले भारतीयों को समय पर सहायता मिल सके।
रणधीर जायसवाल बोले- ‘ब्रांड इंडिया’ हुआ और मजबूत
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की विदेश नीति ने वैश्विक स्तर पर नई पहचान बनाई है।उन्होंने कहा कि भारत आज ‘ग्लोबल साउथ’ की मजबूत आवाज बनकर उभरा है। इसके साथ ही संकट के समय सबसे पहले मदद पहुंचाने वाले देश (First Responder Nation) के रूप में भी भारत की पहचान मजबूत हुई है।उन्होंने International Solar Alliance, जलवायु परिवर्तन के खिलाफ वैश्विक प्रयासों और सीमाओं के पार UPI जैसी डिजिटल पब्लिक गुड्स को बढ़ावा देने को भारत की बड़ी उपलब्धियां बताया।
रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी






