उत्तर प्रदेश की राजनीति में बाहुबली नेताओं, आपराधिक मामलों और चुनावी समीकरणों की चर्चा हमेशा सुर्खियों में रहती है। जैसे-जैसे UP Assembly Election 2027 नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे नेताओं के राजनीतिक रिकॉर्ड और उनके खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर बहस तेज होती जा रही है। इसी बीच ADR (Association for Democratic Reforms) की रिपोर्ट के आधार पर उत्तर प्रदेश के उन विधायकों की सूची चर्चा में है, जिनके खिलाफ सबसे अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।राजनीतिक गलियारों में सवाल उठ रहे हैं कि क्या आगामी चुनावों में राजनीतिक दल आपराधिक छवि वाले नेताओं से दूरी बनाएंगे या फिर जीत का गणित इन सभी मुद्दों पर भारी पड़ेगा।
ADR रिपोर्ट में सामने आए यूपी के टॉप-5 सबसे ज्यादा मुकदमों वाले विधायक

2022 विधानसभा चुनाव के दौरान उम्मीदवारों द्वारा दिए गए शपथ पत्रों और एडीआर रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश के सबसे अधिक आपराधिक मामलों वाले विधायकों की सूची इस प्रकार है।
1. अतुल प्रधान – 38 आपराधिक मामले
Atul Pradhan
मेरठ की सरधना विधानसभा सीट से विधायक अतुल प्रधान इस सूची में पहले स्थान पर हैं। एडीआर रिपोर्ट के अनुसार उनके खिलाफ कुल 38 मामले दर्ज हैं। इनमें कई मामले राजनीतिक आंदोलनों, धरना-प्रदर्शनों और प्रशासनिक कार्रवाई से जुड़े बताए जाते हैं।
2. नसीर अहमद खान – 30 मामले
Nasir Ahmad Khan
रामपुर की चमरौआ सीट से विधायक नसीर अहमद खान के खिलाफ 30 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इन मामलों में चुनावी विवाद, राजनीतिक गतिविधियां और प्रशासनिक टकराव से जुड़े आरोप शामिल बताए गए हैं।
3. रविदास मेहरोत्रा – 22 मामले
Ravidas Mehrotra
लखनऊ सेंट्रल से विधायक रविदास मेहरोत्रा के खिलाफ 22 मामले दर्ज हैं। लंबे समय से सक्रिय राजनीति में रहने वाले मेहरोत्रा अक्सर विभिन्न राजनीतिक आंदोलनों और विरोध प्रदर्शनों का हिस्सा रहे हैं।
4. नाहिद हसन – 16 मामले
Nahid Hasan
कैराना सीट से विधायक नाहिद हसन चौथे स्थान पर हैं। उनके खिलाफ 16 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वे कई बार अपने बयानों और राजनीतिक गतिविधियों को लेकर चर्चा में रहे हैं।
5. महेंद्र नाथ यादव – 13 मामले
Mahendra Nath Yadav
बस्ती सदर सीट से विधायक महेंद्र नाथ यादव के खिलाफ 13 मामले दर्ज हैं। इनमें राजनीतिक कार्यक्रमों और स्थानीय स्तर के विवादों से जुड़े मुकदमे शामिल बताए जाते हैं।
भाजपा नेताओं के खिलाफ भी दर्ज हैं मामले
सिर्फ विपक्षी दलों के नेता ही नहीं, बल्कि भाजपा के कई विधायकों के खिलाफ भी चुनावी हलफनामों में मामले दर्ज बताए गए हैं।
इनमें प्रमुख नाम हैं:
- Kapil Dev Agarwal
- Nand Gopal Gupta Nandi
- Babulal
- Mohan
- Lucky Yadav
इन सभी नेताओं के खिलाफ 2022 के चुनावी हलफनामों के अनुसार सात-सात मामले दर्ज थे।
आधे से ज्यादा विधायकों पर दर्ज हैं आपराधिक मामले
ADR रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश विधानसभा के 50 प्रतिशत से अधिक विधायकों के खिलाफ किसी न किसी प्रकार के आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं लगभग 39 प्रतिशत विधायकों पर गंभीर आपराधिक मामलों का उल्लेख किया गया है।यह आंकड़ा प्रदेश की राजनीति में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों की मौजूदगी को लेकर लगातार बहस का विषय बना हुआ है।
सबसे ज्यादा मामलों वाले नेता रहे आजम खान
Mohammad Azam Khan
यदि सबसे अधिक मामलों वाले चर्चित राजनीतिक चेहरे की बात करें तो मोहम्मद आजम खान का नाम प्रमुखता से सामने आता है। 2022 के चुनावी शपथ पत्र के अनुसार उनके खिलाफ 87 मामले दर्ज थे। हालांकि वर्तमान में वे विधायक नहीं हैं।
2027 चुनाव से पहले फिर गरमाया मुद्दा
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के करीब आते ही एक बार फिर राजनीतिक दलों के उम्मीदवार चयन, आपराधिक छवि और चुनावी पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं।राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में यह मुद्दा चुनावी बहस का अहम हिस्सा बन सकता है। हालांकि अंतिम फैसला हमेशा मतदाताओं के हाथ में होता है कि वे उम्मीदवार की छवि, विकास कार्य और राजनीतिक प्रभाव में किसे प्राथमिकता देते हैं।






