मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को आजमगढ़ दौरे के दौरान जिले को विकास की कई बड़ी सौगातें दीं, महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने आजमगढ़ सदर और मुबारकपुर विधानसभा क्षेत्रों की करीब 955 करोड़ रुपये लागत वाली 39 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया, इस दौरान उन्होंने शहर के बीचों-बीच स्थित पुरानी जिला जेल की जमीन के उपयोग को लेकर भी महत्वपूर्ण घोषणा की मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पुरानी जेल की लगभग 12 एकड़ भूमि पर जन उपयोगी परियोजनाओं का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जाए। माना जा रहा है कि इस भूमि पर आधुनिक कन्वेंशन सेंटर, पार्क, म्यूजियम और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं का विकास किया जा सकता है।
पुरानी जेल की जमीन को मिलेगा नया स्वरूप
मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद प्रदेश के कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने कहा कि आजमगढ़ पूर्वांचल का एक ऐतिहासिक जिला है, जिसने स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, उन्होंने कहा कि शहर के बीच स्थित पुरानी जिला जेल की जमीन लंबे समय से खाली पड़ी है और इसका बेहतर उपयोग किया जाना आवश्यक है, मंत्री ने बताया कि जेल के इटौरा स्थित मंडलीय कारागार में स्थानांतरित होने के बाद यह बहुमूल्य भूमि खाली पड़ी है, ऐसे में इसके संरक्षण और जनहित में उपयोग के लिए ठोस योजना बनाई जा रही है।
पार्क, म्यूजियम और कन्वेंशन सेंटर का प्रस्ताव
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दारा सिंह चौहान ने कहा कि आजमगढ़ शहर में एक बड़े और आधुनिक सार्वजनिक पार्क की लंबे समय से आवश्यकता महसूस की जा रही है, इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष इस भूमि पर भव्य पार्क, म्यूजियम और कन्वेंशन सेंटर विकसित करने का प्रस्ताव रखा, उन्होंने बताया कि इस परियोजना के जरिए शहर को एक ऐसा बहुउद्देश्यीय केंद्र मिल सकता है, जहां सांस्कृतिक, सामाजिक और शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन किया जा सके, इससे स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ-साथ शहर की पहचान भी मजबूत होगी।
विकास से जुड़ा है मुख्यमंत्री का विशेष फोकस
कारागार मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आजमगढ़ के विकास से विशेष जुड़ाव रहा है, उनके नेतृत्व में जिले में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं, उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री लगातार पूर्वांचल के विकास पर विशेष ध्यान दे रहे हैं और आजमगढ़ को आधुनिक सुविधाओं से लैस शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
अधिकारियों को जल्द प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी और संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि पुरानी जेल की जमीन के उपयोग को लेकर विस्तृत और व्यवहारिक प्रस्ताव तैयार किया जाए, प्रस्ताव में पार्क, म्यूजियम, कन्वेंशन सेंटर समेत अन्य जनसुविधाओं को शामिल करने पर विचार किया जाएगा, स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि इस परियोजना को मंजूरी मिलती है तो शहर के बीचों-बीच स्थित यह भूमि आजमगढ़ के विकास और पर्यटन को नई दिशा दे सकती है।
आजमगढ़ को मिलेगी नई पहचान
विशेषज्ञों का मानना है कि पुरानी जेल की जमीन पर प्रस्तावित परियोजनाएं साकार होने के बाद आजमगढ़ को एक आधुनिक शहरी केंद्र के रूप में नई पहचान मिलेगी, साथ ही नागरिकों को मनोरंजन, सांस्कृतिक गतिविधियों और सार्वजनिक आयोजनों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी, मुख्यमंत्री की इस घोषणा को आजमगढ़ के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे आने वाले वर्षों में शहर की तस्वीर बदल सकती है।






