उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच समाजवादी पार्टी (सपा) ने संगठन के भीतर बढ़ती गुटबाजी को गंभीरता से लिया है, मुरादाबाद में आयोजित PDA बैठक में सांसद रुचि वीरा को आमंत्रित नहीं किए जाने और कार्यक्रम में उनका फोटो नहीं लगाए जाने के विवाद के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को लखनऊ में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ अहम बैठक की, बैठक में मुरादाबाद की सांसद रुचि वीरा, राज्यसभा सांसद जावेद अली, पूर्व मंत्री एवं विधायक कमाल अख्तर, जिलाध्यक्ष जयवीर यादव और पूर्व विधायक यूसुफ अंसारी मौजूद रहे, अखिलेश यादव ने सभी नेताओं से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और स्पष्ट संदेश दिया कि पार्टी में अनुशासनहीनता और गुटबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
रुचि वीरा ने कमाल अख्तर पर लगाए आरोप
बैठक के दौरान सांसद रुचि वीरा ने आरोप लगाया कि पूर्व मंत्री कमाल अख्तर उनके खिलाफ माहौल बना रहे हैं, उन्होंने कहा कि PDA बैठक में उन्हें जानबूझकर नहीं बुलाया गया और कार्यक्रम में उनकी तस्वीर भी नहीं लगाई गई, इससे विपक्षी दलों को समाजवादी पार्टी पर महिलाओं के सम्मान को लेकर सवाल उठाने का मौका मिला हालांकि, रुचि वीरा ने साफ किया कि उनकी नाराजगी पार्टी नेतृत्व या अखिलेश यादव से नहीं, बल्कि स्थानीय स्तर पर गुटबाजी करने वाले नेताओं से है।
कमाल अख्तर ने आरोपों से किया इनकार
कमाल अख्तर ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनका कार्यक्रम के आयोजन से कोई संबंध नहीं था, उन्होंने दावा किया कि वे केवल आमंत्रण मिलने पर कार्यक्रम में शामिल हुए थे, उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि यदि सांसद रुचि वीरा अपने पोस्टरों और होर्डिंग्स में अन्य पार्टी नेताओं की तस्वीरें नहीं लगाती हैं, तो उनसे यह अपेक्षा क्यों की जाए कि दूसरे नेता उनके फोटो लगाएं।
जावेद अली ने खुद को बताया विवाद से अलग
राज्यसभा सांसद जावेद अली ने कहा कि वे केवल मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए थे। उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि किसे आमंत्रित किया गया और कार्यक्रम में किसकी तस्वीर लगाई गई, अखिलेश यादव ने जिलाध्यक्ष जयवीर यादव और पूर्व विधायक यूसुफ अंसारी से भी संगठन में चल रही गुटबाजी और PDA बैठक के आयोजन को लेकर सवाल किए, उन्होंने पूछा कि मुख्यालय की अनुमति के बिना कार्यक्रम कैसे आयोजित किया गया और संगठन में समन्वय की कमी क्यों दिखाई दी, इस पर जिलाध्यक्ष जयवीर यादव ने कहा कि कार्यक्रम का आयोजन महानगर अध्यक्ष की ओर से किया गया था, उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिला स्तर पर सभी नेताओं के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा नहीं बनने दी जाएगी।
कार्रवाई की चेतावनी
बैठक के अंत में अखिलेश यादव ने स्पष्ट कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी, उन्होंने सभी नेताओं को मिलकर संगठन को मजबूत करने और आपसी मतभेद खत्म करने की नसीहत दी।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी किसी भी तरह की अंदरूनी कलह को बढ़ने नहीं देना चाहती, इसी रणनीति के तहत अखिलेश यादव संगठन में अनुशासन बनाए रखने और सांसदों व नेताओं के बीच समन्वय बढ़ाने पर विशेष जोर दे रहे हैं, अब देखने वाली बात होगी कि मुरादाबाद विवाद पर पार्टी क्या कार्रवाई करती है और क्या इससे संगठन में चल रही गुटबाजी पर विराम लग पाता है।






