चित्रकूट। धार्मिक पर्यटन को और अधिक विकसित एवं आकर्षक बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने कैंप कार्यालय में पर्यटन विभाग की विभिन्न विकास परियोजनाओं की समीक्षा बैठक की। बैठक में जनपद में संचालित प्रमुख पर्यटन परियोजनाओं की प्रगति का आकलन करते हुए संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए।जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। तय समयसीमा में कार्य पूरा न होने पर संबंधित ठेकेदारों और जिम्मेदार एजेंसियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
चोपड़ा कुंड के विकास कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश
बैठक के दौरान चोपड़ा कुंड के विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि—
- फाउंटेन को जल्द दोबारा संचालित किया जाए।
- कुंड में पर्याप्त जल उपलब्ध कराया जाए।
- सौंदर्यीकरण कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाए।
- कार्य पूर्ण होने के बाद स्थल को नगर पालिका को हस्तांतरित किया जाए।
उन्होंने कहा कि धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों की सुंदरता और सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए।
कामदगिरि, रामघाट और वाल्मीकि आश्रम परियोजनाओं की समीक्षा

बैठक में कामदगिरि परिक्रमा मार्ग, रामघाट, वाल्मीकि आश्रम तथा तुलसी समग्र पर्यटन विकास योजना सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई।कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड (बांदा यूनिट-13) को निर्देशित किया गया कि सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।जिलाधिकारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी परियोजना में अनावश्यक विलंब पाया गया तो संबंधित ठेकेदार पर पेनाल्टी लगाने सहित आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
बेड़ी पुलिया के सौंदर्यीकरण पर विशेष जो
बैठक में बेड़ी पुलिया के सौंदर्यीकरण को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए।
डीएम ने अधिकारियों से कहा कि—
- आकर्षक प्लांटर लगाए जाएं।
- लैंडस्केपिंग का कार्य जल्द पूरा किया जाए।
- निर्माणाधीन पेडेस्टल पर भगवान श्रीराम की प्रतिमा स्थापित की जाए।
इससे क्षेत्र की धार्मिक और पर्यटन पहचान को और अधिक मजबूत किया जा सकेगा।
एक सप्ताह में हैंडओवर प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने पर्यटन विभाग को निर्देश दिया कि जिन परियोजनाओं को चित्रकूट तीर्थ विकास परिषद को हस्तांतरित किया जाना है, उनकी हैंडओवर संबंधी सभी पत्रावलियां एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत की जाएं, ताकि संचालन एवं अनुरक्षण की प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके।
15 दिन बाद फिर होगी समीक्षा बैठक
बैठक के अंत में जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने सभी विभागों और कार्यदायी संस्थाओं को 15 दिनों के भीतर सभी कमियां दूर करने का निर्देश दिया।उन्होंने कहा कि निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद दोबारा समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी और विकास कार्यों की वास्तविक प्रगति का मूल्यांकन किया जाएगा। यदि किसी परियोजना में लापरवाही या देरी पाई गई तो संबंधित अधिकारियों एवं एजेंसियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में—
- विशेष कार्याधिकारी
- क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी
- पर्यटन विभाग के अधिकारी
- संबंधित कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि
उपस्थित रहे।






