चित्रकूट: उत्तर प्रदेश के कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने किसानों से भविष्य की जलवायु चुनौतियों को देखते हुए कम पानी वाली फसलों की खेती अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एल नीनो (El Niño) के संभावित प्रभाव को देखते हुए किसानों को खेती की पारंपरिक पद्धतियों के साथ जल संरक्षण और प्राकृतिक खेती को भी प्राथमिकता देनी होगी।मंगलवार को कृषि विज्ञान केंद्र, गनीवा में आयोजित ‘खेत बचाओ अभियान’ एवं एल नीनो जागरूकता कार्यक्रम में मंत्री ने किसानों को बदलते मौसम के अनुरूप खेती की नई रणनीतियां अपनाने की सलाह दी।
एल नीनो के प्रभाव से बचाव के लिए श्रीअन्न फसलों पर जोर
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि आगामी वर्षों में एल नीनो के कारण वर्षा सामान्य से कम हो सकती है, जिससे कृषि उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। ऐसे में किसानों को अधिक पानी की आवश्यकता वाली फसलों के बजाय कोदो, बाजरा, ज्वार, मड़ुआ (रागी) सहित अन्य श्रीअन्न (मिलेट्स) और कम पानी में तैयार होने वाली फसलों की खेती को बढ़ावा देना चाहिए।उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के दौर में खेती को टिकाऊ और लाभकारी बनाने के लिए फसल विविधीकरण बेहद आवश्यक है।
जल संरक्षण और प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील
कृषि मंत्री ने किसानों से भूजल संरक्षण, वर्षा जल संचयन तथा तालाबों के पुनर्जीवन जैसे उपायों को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जल संसाधनों का संरक्षण आने वाले समय में खेती की सबसे बड़ी जरूरत बन जाएगा।उन्होंने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर भी जोर देते हुए कहा कि इससे खेती की लागत कम होगी और मिट्टी की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहेगी।
उर्वरकों की उपलब्धता और किसान योजनाओं पर सरकार का जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि प्रदेश में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है और किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराई जा रही है।उन्होंने बताया कि सरकार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सहित विभिन्न किसान कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पूरी पारदर्शिता के साथ किसानों तक पहुंचा रही है।साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रीअन्न उत्पादक किसानों के लिए बेहतर विपणन व्यवस्था विकसित की जाए तथा सरकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए।
प्रगतिशील किसानों का हुआ सम्मान
कार्यक्रम के दौरान कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया। इसके अलावा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को सहायता राशि वितरित की गई।किसानों को ज्वार, कोदो, सावा और रागी के मिनी किट भी उपलब्ध कराए गए, ताकि वे इन फसलों की खेती को प्रोत्साहित कर सकें।
एग्रीजंक्शन योजना के लाभार्थियों को भी किया सम्मानित
कार्यक्रम में प्रशिक्षित कृषि उद्यमी स्वावलंबन (एग्रीजंक्शन) योजना के चयनित लाभार्थियों को भी सम्मानित किया गया। इस योजना का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में स्वरोजगार और आधुनिक कृषि उद्यमों को बढ़ावा देना है।
जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अशोक जाटव, भाजपा जिलाध्यक्ष महेंद्र कोटार्य, पूर्व मंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय, पूर्व सांसद भैरव प्रसाद मिश्रा, मुख्य विकास अधिकारी डी.पी. पाल, कृषि वैज्ञानिक, विभागीय अधिकारी तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।






