Home Breaking News बृजभूषण शरण सिंह पर फैसला 3 अगस्त को, रेसलर्स यौन उत्पीड़न केस...

बृजभूषण शरण सिंह पर फैसला 3 अगस्त को, रेसलर्स यौन उत्पीड़न केस की सुनवाई पूरी

42
0

महिला रेसलर्स के यौन उत्पीड़न मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने पूर्व भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) अध्यक्ष और भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ सुनवाई पूरी कर ली है, अदालत ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया है, जिसे 3 अगस्त को सुनाया जाएगा, कोर्ट ने दोनों पक्षों को अपनी अंतिम लिखित दलीलें दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है।

कोर्ट में पूरी हुई अंतिम बहस

सुनवाई के अंतिम चरण में शिकायतकर्ता महिला पहलवानों की ओर से वरिष्ठ वकील ने अदालत से आरोपों को गंभीर बताते हुए आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग की वहीं, बचाव पक्ष ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि मामला निराधार और मनगढ़ंत है तथा आरोपी को बरी किए जाने की अपील की फिलहाल बृजभूषण शरण सिंह और सह-आरोपी विनोद तोमर जमानत पर हैं।

2023 के विरोध प्रदर्शन से शुरू हुआ मामला

यह मामला साल 2023 में उस समय चर्चा में आया था, जब देश के कई शीर्ष पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न और अनुचित व्यवहार के आरोप लगाते हुए दिल्ली में विरोध प्रदर्शन किया था, मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचने के बाद दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और जांच शुरू की जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की, जिसमें विनोद तोमर को भी सह-आरोपी बनाया गया, उन पर कथित तौर पर पूरे मामले में सहयोग करने का आरोप है।

चार्जशीट में लगाए गए गंभीर आरोप

दिल्ली पुलिस की चार्जशीट में महिला पहलवानों का पीछा करने, जबरदस्ती करने, मानहानि और धमकी देने जैसे गंभीर आरोप शामिल किए गए हैं, मई 2024 में राउज एवेन्यू कोर्ट ने प्रथम दृष्टया पर्याप्त आधार मानते हुए मामले में ट्रायल चलाने का आदेश दिया था। इसके बाद से कोर्ट में गवाहों के बयान, जिरह और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं लगातार चलती रहीं, पुलिस ने अदालत में यह भी दावा किया कि कुछ खिलाड़ियों को अपने करियर पर असर पड़ने के डर से लंबे समय तक चुप रहने के लिए दबाव और धमकियां दी गई थीं।

3 अगस्त के फैसले पर टिकीं निगाहें

अब इस बहुचर्चित मामले में सभी कानूनी बहस पूरी हो चुकी हैं और अदालत 3 अगस्त को अपना फैसला सुनाएगी, यह निर्णय केवल आरोपियों के भविष्य के लिए ही नहीं, बल्कि खेल जगत में महिला खिलाड़ियों की सुरक्षा, शिकायत निवारण व्यवस्था और खेल संस्थाओं की जवाबदेही के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here