बदायूं। उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में 218 करोड़ रुपये की कथित GST चोरी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए जीएसटी विभाग की संयुक्त टीम ने समाजवादी पार्टी (सपा) के जिला कोषाध्यक्ष और कारोबारी रचित गुप्ता समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि अवैध रूप से संचालित पान मसाला और गुटखा फैक्ट्री के माध्यम से सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान पहुंचाया गया।मेरठ की अदालत में पेशी के बाद तीनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
12 घंटे चली संयुक्त GST टीम की छापेमारी
जानकारी के अनुसार, दिल्ली, नोएडा, मेरठ और बदायूं की संयुक्त GST टीम ने मंगलवार देर रात दातागंज स्थित रचित गुप्ता के आवास और अन्य ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।स्थानीय पुलिस की सुरक्षा में चली करीब 12 घंटे की कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने कंप्यूटर डेटा, कर संबंधी दस्तावेज, उत्पादन रिकॉर्ड और फैक्ट्री से जुड़े कई अहम साक्ष्य जब्त किए।
बिना पंजीकरण चल रही थी पान मसाला और गुटखा फैक्ट्री
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि फैक्ट्री में बिना वैध GST पंजीकरण के 12 FFS (Form Fill Seal) मशीनों पर पान मसाला और गुटखा का उत्पादन किया जा रहा था।जांच एजेंसियों का आरोप है कि फरवरी से जून 2026 के बीच इस अवैध कारोबार के जरिए करीब 218 करोड़ रुपये की GST चोरी की गई, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचा।
छापेमारी में भारी मात्रा में सामान बरामद
कार्रवाई के दौरान GST टीम ने फैक्ट्री से:
- 410 किलोग्राम कटी हुई सुपारी
- गगन, शिखर, गोल्ड मोहर और दिलबाग ब्रांड के तैयार पाउच
- पैकिंग सामग्री
- उत्पादन से जुड़ी अन्य मशीनरी और दस्तावेज
बरामद किए।
इन साक्ष्यों के आधार पर रचित गुप्ता, मनोज साहू और उमेश को गिरफ्तार किया गया।
कोर्ट ने भेजा 14 दिन की न्यायिक हिरासत में
गिरफ्तारी के बाद तीनों आरोपियों को मेरठ ले जाया गया, जहां उन्हें अदालत में पेश किया गया। अदालत ने सभी आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया।
आठ दिन पहले बने थे सपा के जिला कोषाध्यक्ष
इस मामले ने राजनीतिक हलकों में भी हलचल मचा दी है क्योंकि रचित गुप्ता को महज आठ दिन पहले ही समाजवादी पार्टी का जिला कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया था।उनकी गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक और कारोबारी दोनों क्षेत्रों में इस कार्रवाई को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
पूरे नेटवर्क की जांच जारी
GST विभाग का कहना है कि जांच अभी जारी है और अवैध कारोबार से जुड़े पूरे नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच के आधार पर आगे और लोगों की भूमिका सामने आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
नोट: यह मामला जांच के अधीन है। GST चोरी और अन्य आरोप जांच एजेंसियों के दावों पर आधारित हैं। अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया और जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा






