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योगी सरकार की बागवानी योजना से किसानों की बढ़ रही आय, आधुनिक खेती को मिल रहा बढ़ावा

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लखनऊ, 9 जुलाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए बागवानी क्षेत्र को लगातार प्रोत्साहित कर रही है। एकीकृत बागवानी विकास मिशन (एमआईडीएच) के तहत किसानों को आधुनिक तकनीकों को अपनाने, फल, फूल, सब्जी और मसाला फसलों की उन्नत खेती करने तथा फसल प्रबंधन के लिए आकर्षक अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार का दावा है कि इस पहल से प्रदेश में बागवानी का रकबा बढ़ने के साथ किसानों की आय में भी वृद्धि हो रही है।

योजना के तहत संरक्षित खेती को विशेष बढ़ावा दिया जा रहा है। पॉलीहाउस, ग्रीनहाउस और शेडनेट हाउस में फूल एवं सब्जियों की खेती पर किसानों को 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। वहीं फल, सब्जी, मसाला फसलों और हाईटेक नर्सरी की स्थापना सहित अधिकांश बागवानी गतिविधियों पर 40 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान है। कोल्ड स्टोरेज जैसी पोस्ट हार्वेस्ट सुविधाओं के लिए भी 35 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि जैविक खेती की विभिन्न गतिविधियों पर 40 से 50 प्रतिशत तक सहायता दी जा रही है।

पौध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए छोटी पौधशालाओं की स्थापना और उनके एक्रीडिटेशन पर 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। वहीं बड़ी पौधशालाओं, टिश्यू कल्चर लैब और हाईटेक नर्सरी की स्थापना पर 40 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान है। इसके अलावा केला, आम, करौंदा, ड्रैगन फ्रूट, स्ट्रॉबेरी जैसी फसलों के नए बाग लगाने, संकर सब्जियों, गेंदा एवं ग्लैडियोलस जैसे पुष्पों और प्याज, लहसुन व धनिया जैसी मसाला फसलों के उत्पादन को भी सरकारी सहायता मिल रही है।

सरकार आधुनिक और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से समेकित कीट प्रबंधन (आईपीएम), बागवानी मशीनीकरण, ट्रैक्टर, पावर टिलर, नैपसेक स्प्रेयर, इको-फ्रेंडली नाइट ट्रैप, मधुमक्खी पालन, हनी बी कॉलोनी, बी-हाइव, फ्रूट एवं बंच कवर तथा पुराने बागों के जीर्णोद्धार जैसी गतिविधियों पर भी 40 से 50 प्रतिशत तक सब्सिडी उपलब्ध करा रही है।

फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने के लिए सरकार पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट पर भी विशेष जोर दे रही है। किसानों को कोल्ड रूम, पैक हाउस, राइपनिंग चैंबर और अन्य आधुनिक भंडारण सुविधाओं की स्थापना के लिए 35 से 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है, जिससे उनकी उपज का बेहतर संरक्षण और विपणन सुनिश्चित हो सके।

योगी सरकार छोटे और सीमांत किसानों को भी प्राथमिकता दे रही है। राज्य सेक्टर की औद्यानिक विकास योजना के तहत अनुसूचित जाति एवं जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में अधिकतम 0.20 हेक्टेयर भूमि वाले किसानों को शाकभाजी एवं मसाला बीज, पुष्प क्षेत्र विस्तार, मशरूम उत्पादन, कृषि यंत्रीकरण, क्रेट्स और जैव उर्वरक जैसी सुविधाओं पर 75 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है।

योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसान अपने जिले के उद्यान अधिकारी कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। आवेदन के लिए आधार कार्ड, बैंक खाते का विवरण, खतौनी तथा 10 रुपये के स्टाम्प पेपर सहित निर्धारित दस्तावेज जमा करने होंगे

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