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5 करोड़ घरों तक पहुंचेगा ‘हर घर तिरंगा’ अभियान, जनआंदोलन बनाने का CM योगी ने दिया निर्देश

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लखनऊ, 31 जुलाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में बढ़-चढ़कर भागीदारी करने का आह्वान किया है। उन्होंने इस वर्ष उत्तर प्रदेश में 5 करोड़ घरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने का लक्ष्य निर्धारित करते हुए अभियान को व्यापक जनभागीदारी के साथ जनआंदोलन का स्वरूप देने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और देश के गौरवशाली इतिहास से जन-जन को जोड़ने का अवसर है। उन्होंने निर्देश दिया कि 14 और 15 अगस्त को प्रदेश के सभी सिनेमाघरों में राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान का अनिवार्य प्रसारण सुनिश्चित किया जाए।

शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने एक उच्चस्तरीय बैठक में ‘हर घर तिरंगा’, स्वतंत्रता दिवस और विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2022 में प्रदेश के 4.10 करोड़ से अधिक, 2023 और 2024 में 4.50 करोड़ से अधिक तथा वर्ष 2025 में 4.76 करोड़ घरों पर तिरंगा फहराया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों में उत्तर प्रदेश ने इस अभियान को अभूतपूर्व जनसहभागिता के साथ सफल बनाकर देश के सामने उदाहरण प्रस्तुत किया है। इस वर्ष 5 करोड़ घरों तक अभियान पहुंचाने के लिए सरकारी और गैर-सरकारी संस्थाओं के साथ आमजन की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सभी सरकारी, अर्धसरकारी एवं सहायता प्राप्त विभागों, स्थानीय निकायों, शैक्षणिक संस्थानों, ग्राम पंचायतों, राशन की उचित दर की दुकानों, औद्योगिक एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तथा सामाजिक संगठनों को अपने भवनों पर तिरंगा फहराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय ध्वज के निर्माण, उपलब्धता और वितरण की व्यवस्था समय से पूरी करने को कहा। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों, खादी एवं ग्रामोद्योग संस्थाओं, एमएसएमई इकाइयों और स्थानीय उत्पादन केंद्रों को अभियान से जोड़ने के निर्देश दिए।

राशन की दुकानों, ग्राम पंचायत भवनों, जन सेवा केंद्रों, तहसीलों, विकासखंड कार्यालयों, विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, डाकघरों, पेट्रोल पंपों और अन्य निर्धारित केंद्रों के माध्यम से आमजन को आसानी से तिरंगा उपलब्ध कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशभर में तिरंगा रैली, तिरंगा संगीत समारोह, तिरंगा प्रदर्शनी, रंगोली, कलाकृतियों की प्रदर्शनी, प्रकाश सज्जा और ‘सेल्फी विद तिरंगा’ जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। प्रमुख सरकारी भवनों, रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों, हवाई अड्डों, बाजारों, चौराहों और अन्य सार्वजनिक स्थलों को तिरंगा थीम पर सजाया जाएगा। स्कूलों और कॉलेजों में स्वतंत्रता सेनानियों पर आधारित चित्र प्रदर्शनियां, वंदे मातरम् गायन, चित्रांकन प्रतियोगिताएं और अन्य राष्ट्रभक्ति कार्यक्रम आयोजित होंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से युवा पीढ़ी को स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास और अमर शहीदों के योगदान से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने 9 अगस्त को काकोरी ट्रेन एक्शन दिवस और 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम पूरे सम्मान, गरिमा और राष्ट्रभक्ति के भाव के साथ आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 9 से 15 अगस्त तक स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े स्मारकों, स्मृति स्थलों और शहीद स्थलों पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। इन स्थलों पर साफ-सफाई, रंगाई-पुताई, साज-सज्जा और प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और अमर शहीदों के परिजनों को सम्मानित करने के साथ कार्यक्रमों में पुलिस बैंड की सहभागिता भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के आयोजनों से पहले प्रदेशभर में विशेष स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के अमर सेनानियों के योगदान को जन-जन तक पहुंचाया जाए। ग्राम पंचायतों में अमृत सरोवरों और ग्राम सचिवालयों पर भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। तिरंगा रैलियों, राष्ट्रभक्ति से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रमों, तिरंगा संगीत समारोहों और सामूहिक ‘वंदे मातरम्’ के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को अभियान से जोड़ा जाएगा।

बैठक में 14 अगस्त को आयोजित होने वाले विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के विभाजन की त्रासदी को केवल इतिहास का एक अध्याय मानकर नहीं छोड़ा जाना चाहिए, बल्कि इससे राष्ट्रीय एकता और अखंडता को मजबूत बनाए रखने की प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि 14 अगस्त को राजधानी लखनऊ सहित सभी जिला मुख्यालयों पर विभाजन विभीषिका विषयक प्रदर्शनियां आयोजित की जाएं। इन कार्यक्रमों में पंजाबी, सिंधी और बंगाली सहित विभाजन की त्रासदी से प्रभावित परिवारों को आमंत्रित कर उनके अनुभव साझा कराए जाएंगे। बांग्लादेश से आए शरणार्थी परिवारों को भी कार्यक्रमों में सहभागी बनाया जाएगा। उनके साथ कैंडल मार्च आयोजित करने के साथ विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में परिचर्चा, संवाद और विचार गोष्ठियां आयोजित की जाएंगी। युवाओं को विभाजन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, उसके दुष्परिणामों, विस्थापन की पीड़ा और राष्ट्रीय एकता के महत्व से अवगत कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने प्रत्येक जनपद में नामित मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अभियान के प्रचार-प्रसार और कार्यक्रमों की सफलता के लिए एनसीसी, एनएसएस, स्वयंसेवी संगठनों, व्यापार मंडलों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और विभिन्न संचार माध्यमों का सहयोग लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में हर नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित कर इसे वास्तविक जनआंदोलन बनाया जाए, ताकि स्वतंत्रता पर्व पूरे प्रदेश में राष्ट्रभक्ति, एकता और गौरव के वातावरण के साथ मनाया जा सके।

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