महानगर के संकट हरण पंचमुखी हनुमान मंदिर में ताला तोड़कर वारदात, CCTV का DVR भी उखाड़ ले गए चोर; FIR के बाद कई टीमें लगाईं गईं
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में चोरों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब धार्मिक स्थलों की सुरक्षा भी सवालों के घेरे में आ गई है। महानगर थाना क्षेत्र के प्रसिद्ध संकट हरण पंचमुखी हनुमान मंदिर में देर रात चोरों ने धावा बोल दिया। मंदिर का ताला तोड़कर चोर राम दरबार, पंचमुखी हनुमान और गणेश जी की मूर्तियों पर चढ़े चांदी के मुकुट और छतरियां चोरी कर ले गए। इतना ही नहीं, पहचान छिपाने के लिए चोर मंदिर में लगे CCTV कैमरों का DVR भी अपने साथ ले गए। चोरी हुए सामान की कीमत करीब 35 लाख रुपये बताई जा रही है।
ताला तोड़कर मंदिर में घुसे चोर, भगवान के मुकुट-छतरियां लेकर फरार

जानकारी के मुताबिक, चोरों ने देर रात मंदिर को निशाना बनाया। मंदिर का ताला तोड़कर अंदर दाखिल हुए चोरों ने राम दरबार, पंचमुखी हनुमान और गणेश जी की मूर्तियों पर लगे चांदी के मुकुट और छतरियां उतार लीं।
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। सुबह मंदिर खोलने पहुंचे पुजारी ने जब टूटा हुआ ताला देखा तो चोरी की जानकारी सामने आई।
CCTV कैमरों का DVR भी ले गए शातिर चोर

चोरों ने सिर्फ कीमती सामान पर हाथ साफ नहीं किया, बल्कि मंदिर में लगे CCTV कैमरों का DVR भी उखाड़कर साथ ले गए। इससे साफ है कि आरोपियों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए भी पूरी तैयारी की थी।
अब पुलिस आसपास के इलाकों में लगे अन्य CCTV कैमरों की फुटेज खंगालकर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
करीब 35 लाख रुपये के चांदी के मुकुट और छतरियां चोरी

मंदिर के पुजारी दिनेश कुमार दीक्षित के मुताबिक, चोरी हुए मुकुट और छतरियां चांदी की थीं। चोरी गए सामान की कीमत करीब 35 लाख रुपये बताई जा रही है। बड़ी रकम की चोरी के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है।
महानगर पुलिस की गश्त पर भी उठे गंभीर सवाल
मंदिर में हुई इस बड़ी चोरी ने महानगर पुलिस की रात्रि गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस इलाके में धार्मिक स्थल पर लाखों रुपये के चांदी के आभूषण रखे हों, वहां रात में पुलिस की गश्त और निगरानी कितनी प्रभावी थी, यह सवाल अब पुलिस के सामने है।
गश्त अगर जमीन पर प्रभावी थी तो चोर मंदिर का ताला तोड़कर अंदर कैसे पहुंचे और लाखों रुपये के सामान के साथ फरार कैसे हो गए? इस वारदात ने पुलिस की पेट्रोलिंग व्यवस्था की जमीनी हकीकत पर सवालिया निशान लगा दिया है।
कागजों में गश्त या जमीन पर भी मौजूदगी? चोरी ने खोली पोल
महानगर इलाके में पुलिस की गश्त को लेकर अब सवाल उठना लाजिमी है। पुलिस की ओर से लगातार रात्रि गश्त और अपराध नियंत्रण के दावे किए जाते हैं, लेकिन मंदिर में हुई लाखों की चोरी ने इन दावों की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़ा कर दिया है।
अगर पुलिस की गश्त नियमित और प्रभावी थी, तो मंदिर जैसे संवेदनशील स्थान पर चोरों को वारदात का मौका कैसे मिला? पुलिस को अब सिर्फ आरोपियों को पकड़ने के साथ-साथ इस सवाल का भी जवाब तलाशना होगा कि गश्त के बावजूद इतनी बड़ी वारदात कैसे हुई।
FIR दर्ज, चोरों की तलाश में कई पुलिस टीमें लगाई गईं
मंदिर के पुजारी की सूचना के बाद महानगर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। एसीपी महानगर अंकित कुमार ने बताया की चोरी के संबंध में FIR दर्ज कर ली है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई पुलिस टीमें गठित कर उनकी तलाश शुरू कर दी गई है।
पुलिस मंदिर के आसपास के CCTV कैमरों के साथ-साथ संभावित रास्तों और संदिग्धों की गतिविधियों की भी जांच कर रही है।
धार्मिक स्थल की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता

पंचमुखी हनुमान मंदिर में हुई चोरी के बाद शहर के अन्य धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। सवाल यह है कि जब चोर मंदिर में घुसकर लाखों रुपये के चांदी के आभूषण चोरी कर सकते हैं और CCTV का DVR तक ले जा सकते हैं, तो धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था कितनी मजबूत है। फिलहाल महानगर पुलिस कब तक इस वारदात का खुलासा कर चोरों को गिरफ्तार करती है और चोरी हुआ करीब 35 लाख रुपये का सामान बरामद कर पाती है।






