Home Uttar Pradesh कांवड़ यात्रा समरसता का महापर्व, इसकी गरिमा बनाए रखना हम सभी का...

कांवड़ यात्रा समरसता का महापर्व, इसकी गरिमा बनाए रखना हम सभी का दायित्व: सीएम योगी

10
0

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रावण मास में चल रही कांवड़ यात्रा को लेकर प्रदेशवासियों के नाम एक भावपूर्ण ‘पाती’ लिखी है। उन्होंने कांवड़ यात्रा को केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज, संस्कृति, अनुशासन और लोकजीवन की जीवंत पाठशाला बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा करोड़ों श्रद्धालुओं को शिवभक्ति के सूत्र में जोड़ने वाली ऐसी अनुपम परंपरा है, जिसमें जाति, वर्ग, भाषा, क्षेत्र और आर्थिक भेद गौण हो जाते हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भगवा वस्त्र, कंधे पर कांवड़ और हृदय में भोलेनाथ के प्रति अटूट श्रद्धा ही हर कांवड़िए की पहचान है। पैदल चलते कदम अलग हो सकते हैं, लेकिन सभी का लक्ष्य एक ही होता है- महादेव का जलाभिषेक। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा समरसता का महापर्व है और सनातन संस्कृति के समभाव का जीवंत उदाहरण भी है।

उन्होंने समुद्र मंथन की कथा का उल्लेख करते हुए कहा कि सृष्टि की रक्षा के लिए भगवान शिव ने हलाहल विष अपने कंठ में धारण किया और नीलकंठ कहलाए। विष की उष्णता को शांत करने के लिए देवताओं ने गंगाजल से उनका अभिषेक किया। इसी परंपरा के कारण श्रावण मास में भगवान शिव को गंगाजल अर्पित करना विशेष पुण्यदायी माना जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा तप, सेवा, आत्मसंयम और परस्पर सहयोग का संदेश देती है।

सीएम योगी ने दिव्यांग शिवभक्तों के समर्पण का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अनेक शिवभक्त कठिनाइयों की चिंता किए बिना पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ कांवड़ यात्रा पूरी करते हैं। उनका अटूट विश्वास और समर्पण इस यात्रा की सबसे बड़ी शक्ति है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक शिवभक्त की यात्रा सम्मान और सुरक्षित तरीके से पूरी हो, इसके लिए प्रदेश सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कांवड़ियों के स्वागत के लिए पुष्पवर्षा की व्यवस्था की गई है। यात्रा मार्गों पर स्वच्छता, व्यवस्थित शिविर, शुद्ध पेयजल, चिकित्सकीय सहायता, शौचालय और प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। साथ ही प्रभावी यातायात प्रबंधन और नियंत्रण कक्षों के माध्यम से यात्रा की सतत निगरानी की जा रही है।

उन्होंने प्रदेशवासियों से कांवड़ यात्रा को सामाजिक उत्तरदायित्व और सेवा का उत्सव बनाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने पर्यावरण-अनुकूल कांवड़ अपनाने और प्लास्टिक-मुक्त जीवन का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्ग में यदि एंबुलेंस अथवा विद्यालय वाहन दिखाई दे तो उसे प्राथमिकता दी जानी चाहिए। हमारी छोटी-सी सजगता किसी जरूरतमंद के लिए बड़ी सहायता बन सकती है।

सीएम योगी ने कहा कि सरकार कांवड़ियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, लेकिन इस पावन परंपरा की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। श्रद्धा, अनुशासन, संयम और सेवा का भाव ही कांवड़ यात्रा की आत्मा है और भगवान शिव के लोकमंगल का वास्तविक संदेश भी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here