लखनऊ, 30 अगस्त। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार इस वर्ष के अंत तक गोमती नदी को स्वच्छ बनाने के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि गोमती की अविरलता और स्वच्छता के लिए सेना की मध्य कमान की ओर से प्रदेश सरकार को पूरा सहयोग मिल रहा है और इस दिशा में काम युद्धस्तर पर जारी है।
मुख्यमंत्री रविवार को रक्षा मंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह के साथ लखनऊ छावनी को मॉडल छावनी के रूप में विकसित करने के लिए 101 करोड़ रुपये की 12 विकास परियोजनाओं के शिलान्यास और भूमि पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद छावनी क्षेत्र में सैन्यकर्मियों, पूर्व सैनिकों और आम नागरिकों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
सीएम योगी ने कहा कि लखनऊ छावनी परिषद को ऐसा विकसित किया जा रहा है, जो आने वाले समय में विकास और जनसुविधाओं का महत्वपूर्ण केंद्र बने। यहां एआई आधारित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के साथ स्कूलों में अभ्युदय कोचिंग की सुविधा भी शुरू की जा रही है। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस छावनी परिषद ‘ईज ऑफ लिविंग’ के लक्ष्य को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
मुख्यमंत्री ने लखनऊ के बदलते स्वरूप का उल्लेख करते हुए कहा कि सांसद राजनाथ सिंह के नेतृत्व में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के सपनों को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि लखनऊ में एक ओर पुरानी विरासत और संकरी गलियां हैं तो दूसरी ओर सीएम ग्रिड की स्मार्ट सड़कें और किसान पथ जैसा आउटर रिंग रोड भी है।
उन्होंने कहा कि लखनऊ की पहचान अब केवल ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत तक सीमित नहीं है। यहां ऊदा देवी पासी और महाराजा बिजली पासी जैसे महान व्यक्तित्वों की स्मृतियां हैं तो दूसरी ओर ब्रह्मोस जैसी आधुनिक मिसाइलों के निर्माण के जरिए शहर देश की रक्षा आत्मनिर्भरता में भी योगदान दे रहा है। लखनऊ की चिकनकारी और खान-पान की पहचान भी देश-दुनिया में अपनी अलग जगह रखती है। यूनेस्को की ओर से लखनऊ को ‘क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी’ की मान्यता मिलना शहर की वैश्विक पहचान को और मजबूत करता है।
सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश के सामने पहचान का संकट, अभाव, अराजकता और अव्यवस्था जैसी चुनौतियां थीं। पिछले नौ वर्षों में सरकार ने प्रदेश को नई दिशा देने का प्रयास किया है। आज उत्तर प्रदेश देश की अर्थव्यवस्था के ग्रोथ इंजन के रूप में अपनी भूमिका निभा रहा है। आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूत करने के लिए प्रदेश में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है और उत्तर प्रदेश रक्षा उत्पादन व निवेश के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की पहचान अब बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए भी होने लगी है। एक्सप्रेसवे, रेलवे, मेट्रो, एयर कनेक्टिविटी और वाटर-वे के क्षेत्र में प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 17 घरेलू और 5 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट क्रियाशील हैं, जिससे देश और दुनिया के विभिन्न हिस्सों से यूपी की कनेक्टिविटी मजबूत हुई है। मुख्यमंत्री ने लखनऊ मेट्रो के दूसरे चरण को मंजूरी दिलाने में सहयोग के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का आभार जताया। उन्होंने विश्वास जताया कि मेट्रो के दूसरे चरण का काम भी जल्द आगे बढ़ेगा।
सीएम योगी ने कहा कि सैन्य बलों में उत्तर प्रदेश की हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्रदेश से बड़ी संख्या में युवा सेना में जाकर देश की सुरक्षा में योगदान देते हैं। उन्होंने कहा कि सैनिक स्कूलों की परंपरा की शुरुआत भी उत्तर प्रदेश से हुई थी और आज प्रदेश में संचालित सैनिक स्कूल युवाओं को सैन्य सेवाओं के लिए तैयार कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि देश की सेना के अधिकारी और जवान चौबीसों घंटे देश की सुरक्षा में जुटे रहते हैं। पहले उनकी सुविधाओं के लिए धन की कमी चुनौती बनती थी, लेकिन अब केंद्र और प्रदेश सरकार सैन्यकर्मियों की सुविधाओं को प्राथमिकता के साथ मजबूत कर रही हैं।
