Barsana Radha Ashtami 2026: मथुरा के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल बरसाना धाम में राधा अष्टमी का पर्व पूरे भक्तिभाव और उत्साह के साथ मनाया गया। श्री लाडली जी यानी राधा रानी मंदिर में राधा रानी के जन्मोत्सव में शामिल होने के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। पूरे बरसाना धाम में दिनभर ‘राधे-राधे’ के जयकारे गूंजते रहे।
राधा अष्टमी के अवसर पर बरसाना में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। मंदिर परिसर से लेकर बरसाना की गलियों तक हर तरफ भक्ति और उत्सव का माहौल नजर आया।
ब्रह्म मुहूर्त में हुआ राधा रानी का जन्माभिषेक

राधा अष्टमी के पावन अवसर पर ब्रह्म मुहूर्त में सुबह करीब 4 बजे श्री राधा रानी का जन्माभिषेक किया गया। मंदिर में विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए।
इसके बाद श्रद्धालुओं ने श्रीजी मंदिर में राधा रानी के दर्शन किए। जन्मोत्सव के दौरान मंदिर परिसर में पारंपरिक बधाई गीत और समाज गायन का आयोजन भी हुआ। इससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
फूलों और रोशनी से सजा बरसाना धाम

राधा रानी जन्मोत्सव 2026 को लेकर श्रीजी मंदिर समेत पूरे बरसाना धाम को आकर्षक तरीके से सजाया गया। मंदिर परिसर में रंग-बिरंगी रोशनी और फूलों की सजावट की गई।
राधा रानी के जन्मोत्सव की झलक पाने और लाडली जी के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु बरसाना पहुंचे। मंदिर और आसपास के क्षेत्रों में लगातार भजन-कीर्तन और राधा रानी के जयकारों की गूंज सुनाई देती रही।
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
राधा अष्टमी पर उमड़ी भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की ओर से व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई। श्रद्धालुओं की आवाजाही और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जोन और सेक्टर व्यवस्था लागू की गई।
बरसाना में बाहरी वाहनों के प्रवेश पर भी रोक लगाई गई, ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही व्यवस्थित बनी रहे और प्रमुख मार्गों पर जाम की स्थिति न बने।
ड्रोन और CCTV से हुई निगरानी
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए पुलिस के साथ खुफिया एजेंसियों की टीमें भी सक्रिय रहीं। ड्रोन और CCTV कैमरों के जरिए बरसाना के प्रमुख स्थानों और भीड़ वाले क्षेत्रों की निगरानी की गई।
पुलिस ने अराजक तत्वों पर नजर रखने के साथ-साथ भीड़ प्रबंधन को लेकर भी विशेष सतर्कता बरती।
राधे-राधे के जयकारों से गूंजा बरसाना
राधा अष्टमी के भव्य आयोजन के दौरान पूरा बरसाना भक्तिरस में डूबा नजर आया। श्रीजी मंदिर से लेकर बरसाना की गलियों तक श्रद्धालुओं की भीड़ दिखाई दी। हर तरफ ‘राधे-राधे’ के जयकारे और भजनों की गूंज सुनाई देती रही।
राधा रानी के जन्मोत्सव में शामिल होने पहुंचे श्रद्धालुओं के लिए बरसाना का यह धार्मिक आयोजन आस्था और भक्ति का प्रमुख केंद्र बना रहा।
