Lucknow News: उत्तर प्रदेश में बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे मिशन शक्ति अभियान के तहत एक अनूठी पहल सामने आई है। लखनऊ के काकोरी स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की चार छात्राओं मुस्कान, सरिता, साक्षी और राधिका ने मध्याह्न भोजन प्राधिकरण पहुंचकर एक दिन की निदेशक की जिम्मेदारी संभाली। इस दौरान छात्राओं ने विभागीय गतिविधियों की समीक्षा की और प्रदेशभर के विद्यालयों में मध्याह्न भोजन की स्वच्छता तथा पौष्टिकता को लेकर निर्देश जारी किए।
इस पहल का उद्देश्य छात्राओं को प्रशासनिक कामकाज से परिचित कराना, उनमें निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना और उन्हें नेतृत्व के लिए प्रोत्साहित करना है। मध्याह्न भोजन प्राधिकरण के निदेशक प्रेमरंजन सिंह ने छात्राओं की पहल की सराहना करते हुए उनके निर्देश पर अगले दिन से पूरे प्रदेश में विशेष स्वच्छता अभियान चलाने की बात कही।
मिशन शक्ति अभियान के तहत छात्राओं को मिली प्रशासनिक जिम्मेदारी

उत्तर प्रदेश सरकार के मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन और सशक्तीकरण पर जोर दिया जाता है। इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए काकोरी स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की चार छात्राओं को एक दिन के लिए निदेशक की जिम्मेदारी सौंपी गई।
मुस्कान, सरिता, साक्षी और राधिका ने मध्याह्न भोजन प्राधिकरण पहुंचकर विभागीय कार्यप्रणाली को समझा। इस दौरान उन्हें प्रशासनिक गतिविधियों की समीक्षा करने और विद्यालयों में भोजन की गुणवत्ता से जुड़े विषयों पर अपनी बात रखने का अवसर मिला।
इस तरह की पहल से छात्राओं को सरकारी विभागों के कामकाज को करीब से जानने और भविष्य में नेतृत्वकारी भूमिकाओं के लिए तैयार होने का अवसर मिलता है।
प्रदेश के स्कूलों में स्वच्छता और पौष्टिक भोजन पर जोर
एक दिन की निदेशक बनीं छात्राओं ने प्रदेशभर के विद्यालयों में मध्याह्न भोजन तैयार करने वाले किचन की स्वच्छता और बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने भोजन बनाने की जगहों पर साफ-सफाई सुनिश्चित करने और बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने से संबंधित निर्देश जारी किए।
विद्यालयों में मध्याह्न भोजन बच्चों के पोषण और स्कूल में उनकी नियमित उपस्थिति के लिहाज से महत्वपूर्ण है। भोजन तैयार करने के स्थान पर साफ-सफाई बनाए रखना, खाद्य सामग्री को सुरक्षित रखना और स्वच्छ तरीके से भोजन तैयार करना बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए जरूरी है।
छात्राओं की ओर से इन विषयों को प्राथमिकता देना इस पहल का अहम हिस्सा रहा।
छात्राओं के निर्देश पर पूरे यूपी में चलेगा विशेष स्वच्छता अभियान
मध्याह्न भोजन प्राधिकरण के निदेशक प्रेमरंजन सिंह ने चारों छात्राओं के विचारों और उनके दृष्टिकोण की सराहना की। उन्होंने बताया कि छात्राओं के निर्देश पर अगले दिन से प्रदेशभर में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा।
इस अभियान का उद्देश्य विद्यालयों में मध्याह्न भोजन तैयार करने वाले किचन की साफ-सफाई पर ध्यान देना और भोजन की गुणवत्ता तथा स्वच्छता को बेहतर बनाने के प्रयासों को बढ़ावा देना है।
हालांकि, अभियान की शुरुआत, अवधि और निगरानी व्यवस्था से जुड़ी विस्तृत जानकारी संबंधित विभाग की आधिकारिक सूचना से सत्यापित की जानी चाहिए।
बालिकाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करने की पहल
मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत छात्राओं को प्रशासनिक जिम्मेदारी सौंपना उन्हें आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखने और निर्णय लेने की प्रक्रिया समझने का अवसर देता है।
इस पहल के जरिए छात्राओं ने न केवल विभागीय कार्यप्रणाली को समझा, बल्कि स्कूलों में बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर भी ध्यान केंद्रित किया। ऐसी गतिविधियां बालिकाओं को यह समझने में मदद कर सकती हैं कि वे शिक्षा के साथ-साथ प्रशासन, सामाजिक विकास और सार्वजनिक जीवन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
क्या है मिशन शक्ति अभियान?
मिशन शक्ति उत्तर प्रदेश सरकार की महिला और बालिका सशक्तीकरण से जुड़ी पहल है। इसका उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन तथा जागरूकता को बढ़ावा देना है।
इस अभियान के तहत विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया जाता है। प्रशासनिक जिम्मेदारियों से जोड़ने जैसी गतिविधियां छात्राओं में नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में सहायक हो सकती हैं।
