उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और वरिष्ठ नेता आजम खान को लेकर तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने सपा के पिछले शासनकाल पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उस दौरान प्रदेश में गुंडों और माफियाओं का प्रभाव था। डिप्टी सीएम ने दावा किया कि ऐसे कई लोग आज जेलों में बंद हैं और दोबारा सपा सरकार बनने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
‘सपा की सत्ता में वापसी का सपना देख रहे माफिया’
लखनऊ में आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता मिटाओ’ पदयात्रा के दौरान ब्रजेश पाठक ने विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को अपने शासनकाल की स्थिति अच्छी तरह याद होगी। उनके मुताबिक, उस समय प्रदेश में सक्रिय रहे कई अपराधी आज जेल में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग सपा की सत्ता में वापसी की उम्मीद इसलिए कर रहे हैं, ताकि उन्हें फिर से मनमानी करने का मौका मिल सके। डिप्टी सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता सपा के शासनकाल को भूली नहीं है और विपक्ष को अपने पुराने कार्यकाल का जवाब देना चाहिए।
कांग्रेस और इंडिया गठबंधन पर भी साधा निशाना
ब्रजेश पाठक ने अपने संबोधन में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और इंडिया गठबंधन की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष की कुछ गतिविधियां लोकतांत्रिक और संवैधानिक व्यवस्था को प्रभावित करने वाली हैं। उपमुख्यमंत्री के मुताबिक, बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के आह्वान पर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में पदयात्रा निकाली जा रही है। इसके माध्यम से पार्टी विपक्षी दलों की गतिविधियों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करा रही है।
‘देश में बांग्लादेश जैसे हालात बनाने की कोशिश’
डिप्टी सीएम ने विपक्ष पर देश में अराजकता का माहौल बनाने का आरोप लगाते हुए बांग्लादेश का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कुछ विपक्षी दल देश में बांग्लादेश जैसे हालात पैदा करना चाहते हैं। बीजेपी ऐसे प्रयासों का विरोध कर रही है और जनता के बीच अपनी बात रख रही है।
यूपी की राजनीति में फिर बढ़ी बयानबाजी
ब्रजेश पाठक के इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश में बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है। एक तरफ बीजेपी विपक्ष की गतिविधियों को लेकर सवाल उठा रही है, वहीं सपा पहले भी बीजेपी पर लोकतंत्र और संविधान को कमजोर करने के आरोप लगाती रही है। फिलहाल, इस पदयात्रा और नेताओं के बयानों ने प्रदेश की सियासत में नई बहस छेड़ दी है।
