938 लाख की परियोजना से बदली धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान
लखनऊ। शिवरात्रि की पूर्व संध्या पर मऊ जनपद को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विकास की बड़ी सौगात मिली है। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने तमसा नदी के किनारे स्थित मऊ महादेव धाम में नवनिर्मित भव्य घाटों और परिसर का लोकार्पण किया। करीब 938 लाख रुपये की लागत से तैयार इस परियोजना ने क्षेत्र की तस्वीर ही बदल दी है।
सीएसआर सहयोग से साकार हुआ भव्य निर्माण

यह पूरा विकास कार्य ICICI बैंक के सीएसआर फंड से पूरा किया गया है। धौलपुर रेड स्टोन से बने घाट, सुसज्जित सीढ़ियां और विस्तृत परिसर श्रद्धालुओं को एक दिव्य अनुभव प्रदान कर रहे हैं। आधुनिक निर्माण के साथ पारंपरिक शिल्प का संतुलन इस धाम को खास बनाता है।
61 फीट ऊंची शिव प्रतिमा बनी आस्था का केंद्र

परिसर में स्थापित भगवान शिव की 61 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा श्रद्धालुओं के आकर्षण का मुख्य केंद्र बन गई है। राजस्थान के कारीगरों द्वारा निर्मित यह प्रतिमा दूर-दराज से आने वाले भक्तों को अपनी ओर खींच रही है और मऊ को एक नए धार्मिक मानचित्र पर स्थापित कर रही है।
अब पहचान माफिया से नहीं, महादेव से

लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि कभी जिस क्षेत्र को अव्यवस्था और भय से जोड़ा जाता था, आज वही स्थान आस्था और उत्सव का केंद्र बन गया है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब मऊ की पहचान माफिया से नहीं, महादेव से होगी। मजबूत कानून व्यवस्था और विकास की निरंतर नीति ने जनपद की छवि बदल दी है।
मऊ महादेव धाम को बनाया जाएगा यूपी का कैलाश

मंत्री ने घोषणा की कि मऊ महादेव धाम को आने वाले समय में उत्तर प्रदेश का ‘कैलाश’ विकसित किया जाएगा। अगले एक वर्ष में यहां ग्रीन पार्क, बैठने की व्यवस्था और पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, जिससे यह स्थल धार्मिक पर्यटन के साथ पारिवारिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में उभरेगा।
डबल इंजन सरकार के विकास मॉडल का असर
अपने संबोधन में मंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में कानून व्यवस्था, पारदर्शी शासन और विकास कार्यों को नई गति मिली है। मऊ जैसे जनपदों में इसका असर साफ दिखाई दे रहा है।
आरती, लेजर शो और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से गूंजा परिसर

लोकार्पण अवसर पर आयोजित भव्य आरती, लेजर शो और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। “हर-हर महादेव” के जयघोष से तमसा तट गूंज उठा और हजारों लोगों ने इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनकर बदले हुए मऊ का स्वागत किया।
धार्मिक पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल

नवनिर्मित घाट और विकसित परिसर से न केवल श्रद्धालुओं की सुविधाएं बढ़ेंगी, बल्कि स्थानीय व्यापार, रोजगार और पर्यटन को भी नई दिशा मिलेगी। मऊ महादेव धाम अब जनपद के सांस्कृतिक पुनर्जागरण और सुरक्षित भविष्य का प्रतीक बनकर उभरा है।
भय से भक्ति और विकास की ओर बढ़ता मऊ
शिवरात्रि से पहले मिला यह तोहफा मऊ के लिए सिर्फ एक परियोजना नहीं, बल्कि नई पहचान का प्रतीक है। मऊ अब डर की नहीं, भक्ति, विकास और विश्वास की राह पर आगे बढ़ चुका है।







