लखनऊ। एमसी सक्सेना ट्रेनिंग सेंटर की गंभीर लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। खाने की गुणवत्ता को लेकर पहले से उठ रहे सवाल अब बड़े स्वास्थ्य संकट में बदल गए हैं। कैंटीन का खाना खाने के बाद इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (EMT) के 25 ट्रेनी अचानक बीमार पड़ गए। उल्टी-दस्त, तेज बुखार और कमजोरी की शिकायत के बाद सभी को लखनऊ के अलग-अलग सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
खाने में कीड़े मिलने की पहले ही हो चुकी थी शिकायत

ट्रेनी प्रशांत कुमार यादव ने बताया कि कुछ दिन पहले खाने में कीड़े निकलने की लिखित शिकायत हेड ऑफिस को दी गई थी। शिकायत के बाद एक-दो दिन तक भोजन की गुणवत्ता में सुधार हुआ, लेकिन उसके बाद हालात फिर पहले जैसे हो गए। लापरवाही का नतीजा यह रहा कि अब दर्जनों ट्रेनी बीमार होकर अस्पताल पहुंच गए।
छोला-चावल खाने के बाद बिगड़ी तबीयत
ट्रेनी छात्रों के मुताबिक बुधवार रात भोजन में छोला-चावल, रोटी और आलू की सब्जी परोसी गई थी। रात करीब 10 बजे के बाद एक-एक कर सभी की तबीयत बिगड़ने लगी। पहले पेट दर्द, फिर उल्टी-दस्त और तेज बुखार ने सभी को बेहाल कर दिया। ट्रेनिंग सेंटर के अधिकारियों को सूचना दी गई और मौके पर दवाएं दी गईं, लेकिन राहत नहीं मिलने पर ट्रेनी को अस्पताल भेजा गया।
बलरामपुर और टीबी अस्पताल में चल रहा इलाज

बीमार पड़े ट्रेनियों में से 20 को बलरामपुर अस्पताल के SSB ब्लॉक में भर्ती कराया गया है, जबकि 5 ट्रेनी ठाकुरगंज स्थित टीबी अस्पताल में इलाजरत हैं। अस्पताल प्रशासन के अनुसार सभी मरीजों की हालत स्थिर है और लगातार निगरानी की जा रही है।
गुरुवार सुबह भी सामने आए नए मरीज

बलरामपुर अस्पताल प्रशासन ने बताया कि बुधवार देर रात करीब एक दर्जन ट्रेनी इमरजेंसी में लाए गए थे। गुरुवार सुबह भी कुछ और लोगों की तबीयत बिगड़ी, जिसके बाद भर्ती मरीजों की संख्या बढ़ गई। फिलहाल करीब 18 ट्रेनी का इलाज अस्पताल में चल रहा है और सभी में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।
मैदा मिलाकर खिलाने का आरोप

ट्रेनी आकाश और अन्य छात्रों ने आरोप लगाया कि सेंटर में अक्सर मैदा मिलाकर घटिया खाना परोसा जाता है। गुणवत्ता की अनदेखी लगातार हो रही है। अचानक सभी की तबीयत बिगड़ने पर मेडिकल किट से दवा ली गई, लेकिन हालत न सुधरने पर एम्बुलेंस बुलानी पड़ी।
फूड प्वाइजनिंग के लक्षण, डॉक्टरों की पुष्टि
बलरामपुर अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देबाशीष शुक्ला ने बताया कि भर्ती ट्रेनियों में फूड प्वाइजनिंग के स्पष्ट लक्षण हैं। मरीजों में डिहाइड्रेशन, तेज बुखार, उल्टी-दस्त की शिकायत है। सभी की बीपी, शुगर और इलेक्ट्रोलाइट्स की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। फिलहाल किसी की हालत गंभीर नहीं है।
108 सेवा से जुड़ी ट्रेनिंग, मोटी फीस लेकर लापरवाही
एमसी सक्सेना ट्रेनिंग सेंटर में 108 एम्बुलेंस सेवा से जुड़ी EMRI कंपनी की ओर से EMT की ट्रेनिंग दी जाती है। 40 दिन की इस ट्रेनिंग के लिए ट्रेनी से करीब 45 हजार रुपए फीस ली जाती है। इसके बावजूद भोजन जैसी बुनियादी सुविधा में गंभीर लापरवाही सामने आना सवाल खड़े कर रहा है।
जांच की मांग, जिम्मेदारों पर कार्रवाई की उठी आवाज
खाने में कीड़े मिलने की पुरानी शिकायत और अब फूड प्वाइजनिंग की घटना के बाद ट्रेनियों ने एमसी सक्सेना ट्रेनिंग सेंटर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। सवाल यह है कि आखिर कब तक हेल्थ वर्कर्स को ही अस्वस्थ हालात में रखा जाता रहेगा।







