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अलीगढ़ की महिला उद्यमी नीलम सिंह ने शुरू किया डिजिटल लॉक स्टार्टअप, आज 10 करोड़ से ज्यादा का कारोबार

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अलीगढ़ की महिला उद्यमी नीलम सिंह ने कठिन समय को अवसर में बदलकर एक सफल व्यवसाय खड़ा किया है। ताला नगरी के नाम से मशहूर अलीगढ़ में उन्होंने वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना के तहत डिजिटल लॉक बनाने की यूनिट शुरू की। आज यह यूनिट लगातार आगे बढ़ रही है और कई लोगों को रोजगार भी दे रही है।

कोविड के समय शुरू किया कारोबार

नीलम सिंह ने साल 2019 में अपने सॉफ्टवेयर इंजीनियर पति के साथ मिलकर इस स्टार्टअप की शुरुआत की थी। उस समय देश में COVID-19 महामारी के कारण आर्थिक गतिविधियां काफी प्रभावित थीं और कई लोगों की नौकरियां चली गई थीं। ऐसे मुश्किल समय में उन्होंने सोचा कि ऐसा व्यवसाय शुरू किया जाए जिससे स्थानीय लोगों को अपने ही शहर में काम मिल सके।

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सरकारी योजना से मिला सहारा

अलीगढ़ पहले से ही ताला उद्योग के लिए प्रसिद्ध है, इसलिए नीलम ने पारंपरिक ताले को नई तकनीक के साथ जोड़ने का फैसला किया। उन्होंने “ओव्लॉक्स इंडिया” नाम से डिजिटल लॉक बनाने की यूनिट शुरू की।

शुरुआत में आर्थिक दिक्कतें थीं, लेकिन ओडीओपी योजना के तहत उद्योग विभाग की मदद से बैंक ऑफ बड़ौदा से उन्हें 10 लाख रुपये का लोन मिला। इसमें करीब ढाई लाख रुपये की सब्सिडी भी शामिल थी। इस मदद से उनका व्यवसाय मजबूत आधार पर खड़ा हो सका। आज उनका कारोबार 10 करोड़ रुपये से ज्यादा का हो चुका है।

20 से ज्यादा लोगों को मिल रहा रोजगार

जब यूनिट शुरू हुई थी, तब यहां सिर्फ 5-6 लोग काम करते थे। धीरे-धीरे कारोबार बढ़ा और अब यहां 20 से 25 लोग काम कर रहे हैं। यहां काम करने वाले कर्मचारियों को हर महीने लगभग 15 हजार से 35 हजार रुपये तक की आय हो रही है। इससे कई परिवारों की आर्थिक स्थिति बेहतर हुई है।

इस यूनिट में इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स को जोड़कर आधुनिक डिजिटल लॉक बनाए जाते हैं। इन लॉक को आरएफआईडी कार्ड, मोबाइल फोन और सामान्य चाबी से भी चलाया जा सकता है।

विदेशों तक पहुंच रहे डिजिटल लॉक

“ओव्लॉक्स इंडिया” के डिजिटल लॉक अब सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि कई अन्य देशों में भी सप्लाई किए जा रहे हैं। इससे अलीगढ़ के पारंपरिक ताला उद्योग को नई तकनीकी पहचान मिल रही है।

नीलम सिंह का कहना है कि पहले अलीगढ़ में ज्यादातर हैंडमेड और साधारण चाबी वाले ताले बनाए जाते थे, जिनमें मेहनत ज्यादा और कमाई कम होती थी। लेकिन डिजिटल लॉक के इस नए उद्योग ने काम करने का तरीका बदल दिया है। अब कर्मचारियों को बेहतर आय मिल रही है और उन्हें गर्व होता है कि उनके बनाए उत्पाद देश-विदेश तक पहुंच रहे हैं।

नीलम की यह कहानी बताती है कि अगर सही सोच और मेहनत हो, तो कठिन समय में भी नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।

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Rashmi Singh
रश्मि सिंह पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 7 वर्षों से अधिक समय से सक्रिय हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत स्वदेश न्यूज़ से की थी, जिसके बाद उन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य किया। रश्मि को देश-विदेश, राजनीति और क्राइम सेक्शन की खबरों पर गहरी पकड़ हासिल है। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले की निवासी रश्मि ने लखनऊ से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (Post Graduation) की पढ़ाई पूरी की है।

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