अभय सिंह और धनंजय सिंह…उत्तर प्रदेश की राजनीति में ये नाम कोई नए नहीं हैं। लेकिन इन दिनों इन दोनों नामों के बीच चल रही वर्चस्व की जंग ने सियासी गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक भूचाल ला दिया है।हर दिन नए बयान, हर बयान में तंज और हर तंज के पीछे छुपा एक पुराना किस्सा।

बीते कुछ दिनों से दोनों नेता एक-दूसरे पर खुलकर शब्दों के वार कर रहे हैं। लेकिन अब यह जंग सिर्फ़ राजनीति या बयानबाज़ी तक सीमित नहीं रही, क्योंकि धनंजय सिंह ने अभय सिंह को लेकर जो खुलासा किया है, उसने सबको चौंका कर रख दिया है।धनंजय सिंह के मुताबिक मामला आज का नहीं है, बल्कि हॉस्टल के उन दिनों का है, जब दोनों आमने-सामने थे।वो बताते हैं “हम हॉस्टल के अंदर कुश्ती लड़ रहे थे बात बढ़ी, उठा-पटक हो गई… और उसके बाद अभय सिंह सदमे में चला गया।”यहीं से कहानी एक नया मोड़ ले लेती है।
धनंजय सिंह का दावा है कि कुश्ती के अगले ही दिन अभय सिंह को 104 डिग्री बुखार चढ़ गया।हालात इतने बिगड़ गए कि हॉस्टल के अंदर अफरा-तफरी मच गई। किसी को समझ नहीं आ रहा था कि आखिर किया क्या जाए। धनंजय सिंह आगे बताते हैं कि उस वक्त हॉस्टल में सद्दाम नाम का एक चपरासी था।उसी की मदद से अभय सिंह को कंधे पर उठाया गया, हॉस्टल से नीचे लाया गया, आनन-फानन में रिक्शा किया गया और सीधे विवेकानंद अस्पताल पहुंचाया गया।अब यही बयान राजनीति से निकलकर सोशल मीडिया की गलियों में आग की तरह फैल चुका है।सबसे बड़ा सवाल ये भी है किजिस हॉस्टल की कुश्ती आज चर्चा में है, क्या वही कुश्ती आज की सियासी तल्ख़ी की जड़ है? अभय सिंह इस बयान पर क्या जवाब देंगे?क्या ये बयानबाज़ी यहीं थमेगी या आने वाले दिनों में यह सियासी जंग और ज़्यादा तीखी होने वाली है?







