भारत ने रविवार को इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस वेपन सिस्टम (IADWS air defense system) का पहला सफल परीक्षण किया। IADWS ने अलग-अलग ऊंचाई और दूरी पर स्थित 3 टारगेट्स मार गिराए। यह सिस्टम पूरी तरह स्वदेशी है और कई परतों वाली हवाई सुरक्षा देता है। अब IADWS को लेकर चीन की टिप्पणी सामने आई है।
चीनी अखबार ग्लोबल टाइम्स में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, एक चीनी विशेषज्ञ ने कहा कि कम दूरी के डिफेंस सिस्टम में लेजर हथियार का समावेश बड़ी विशेषता है, लेकिन इसके उपयोगिता अभी सिद्ध होना बाकी है।
चीन का कहना है कि पहले से तय परिस्थियों में किया गया परीक्षण असल स्थिति में पूरी तरह से कारगर नहीं होता। दरअसल, चाइनीज हथियारों को लेकर जो बात दुनिया भर में कही जाती है, ग्लोबल टाइम्स वहीं बात इंडियन एयर डिफेंस के लिए कह रहा है।
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IADWS में 3 आधुनिक हथियारों का समावेश
IADWS एक नई वायु रक्षा प्रणाली है, जिसमें 3 आधुनिक हथियार शामिल हैं. QRSAM (क्विक रिएक्शन सरफेस टू एयर मिसाइल), VSHORADS (वेरी शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस सिस्टम) और हाई पावर लेजर आधारित डायरेक्टेड एनर्जी वेपन (DEW)।
इन्हें सेंट्रल कमांड सेंटर से कंट्रोल किया जाता है. टेस्ट के दौरान तीन अलग-अलग टारगेट्स को एक साथ निशाना बनाया गया। जिसमें दो हाई-स्पीड ड्रोन और एक मल्टी-कॉप्टर ड्रोन शामिल है। तीनों टारगेट्स को QRSAM, VSHORADS और लेजर हथियार से तुरंत मार गिराया।
लेजर सिस्टम की तारीफ
बीजिंग स्थित एयरोस्पेस नॉलेज मैग्जीन के चीफ एडिटर वांग यानान ने सोमवार को ग्लोबल टाइम्स को बताया कि IADWS को ड्रोन, क्रूज मिसाइल, हेलिकॉप्टर और कम ऊंचाई वाले विमानों को टारगेट करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह कम और मध्यम ऊंचाई वाले लक्ष्यों को निशाना बना सकती है, लेकिन इसकी मारक क्षमता सीमित है।
हालांकि वांग ने ये भी कहा कि कुछ ही देश हैं जिन्होंने कॉम्बैट रेडी लेजर सिस्टम बनाने में सफलता हासिल की है। IADWS की तीन परतों में से QRSAM और VSHORADS तकनीकी रूप से नई नहीं हैं, लेकिन लेजर सिस्टम को वास्तव में अहम डेवलपमेंट माना जाना चाहिए।







