उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़क पर नमाज को लेकर बड़ा और सख्त बयान दिया है। योगी ने साफ कहा है कि मंदिर पूजा का स्थान है और मस्जिद इबादत की जगह, लेकिन अगर कोई सड़क घेरकर नमाज पढ़ेगा तो फिर हनुमान चालीसा होने से भी कोई रोक नहीं पाएगा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने सख्त और बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते हैं। एक बार फिर उन्होंने सड़क पर नमाज के मुद्दे पर साफ और दो टूक संदेश दिया है।
एक सवाल के जवाब में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मंदिर पूजा करने का स्थान है और मस्जिद इबादत और नमाज पढ़ने की जगह है। लेकिन अगर कोई यह सोचे कि वह सड़कों पर भीड़ जुटाकर, हुजूम खड़ा करके और लोगों का रास्ता रोककर नमाज पढ़ेगा, तो उत्तर प्रदेश में ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। योगी ने आगे कहा कि अगर सड़क पर नमाज पढ़ने की कोशिश होगी तो फिर वहीं हनुमान चालीसा का पाठ भी शुरू हो जाएगा और उसे कोई रोक नहीं पाएगा। उनका कहना था कि सड़कें आम लोगों के आने-जाने के लिए हैं, न कि किसी धार्मिक कार्यक्रम के लिए। योगी आदित्यनाथ को भाजपा के फायरब्रांड नेताओं में गिना जाता है।
उनकी जनसभाओं में अक्सर राष्ट्रवाद और सनातन धर्म को लेकर उनके कड़े तेवर देखने को मिलते हैं। यही वजह है कि आज वह भाजपा के सबसे लोकप्रिय नेताओं में से एक बनकर उभरे हैं। राजनीतिक हलकों में भी अक्सर यह चर्चा होती रहती है कि आरएसएस से लेकर बड़ी संख्या में समर्थक और कार्यकर्ता योगी आदित्यनाथ के साथ मजबूती से खड़े हैं। हाल ही में दिल्ली में एक दलित युवक तरुण की हत्या के बाद जब कुछ हिंदूवादी संगठन वहां पहुंचे तो उन्होंने योगी आदित्यनाथ को प्रधानमंत्री बनाने की मांग तक कर दी और कहा कि अगर आज योगी देश के प्रधानमंत्री होते तो देश की दिशा और दशा अलग होती।
योगी ने अपने बयान में यह भी कहा कि पहले मस्जिदों से दिनभर लाउडस्पीकर की तेज आवाज आती थी, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को परेशानी होती थी। लेकिन आज उत्तर प्रदेश में हालात बदल चुके हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक अब अधिकांश मस्जिदों से तेज लाउडस्पीकर हटाए जा चुके हैं, जिससे छात्र पढ़ाई कर पा रहे हैं और बीमार व बुजुर्ग भी शांति से रह पा रहे हैं।योगी आदित्यनाथ का यह बयान एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक बहस को तेज कर सकता है।







