Home Breaking News संवाद, संस्कार और संवेदना, बच्चों से जुड़ाव में दिखा सीएम योगी का...

संवाद, संस्कार और संवेदना, बच्चों से जुड़ाव में दिखा सीएम योगी का अलग अंदाज

41
0

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ,का व्यक्तित्व जहां एक सख्त प्रशासक और अपराधियों के लिए कड़े संदेश के रूप में देखा जाता है, वहीं बच्चों के बीच उनका एक अलग ही स्नेहमय और सहज रूप दिखाई देता है। ‘मन के सच्चे’ बच्चों के साथ उनका आत्मीय जुड़ाव समय-समय पर सामने आता रहा है।

हाल ही में जापान दौरे के दौरान भी व्यस्त शासकीय कार्यक्रमों के बीच मुख्यमंत्री ने बच्चों से मुलाकात की। यामानाशी में एक बच्चे ने ‘कर्पूरगौरं करुणावतारं’ मंत्र का वाचन किया। एक पंक्ति भूलने पर मुख्यमंत्री ने स्वयं उसे पूरा कर बच्चे का आत्मविश्वास बढ़ाया। उन्होंने बच्चों के साथ ‘गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः’ मंत्र का उच्चारण भी किया। बच्चों ने उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया, तो मुख्यमंत्री ने चॉकलेट देकर उनके चेहरे पर मुस्कान बिखेरी।

मुख्यमंत्री का बच्चों और आमजन से जुड़ाव ‘जनता दर्शन’ में भी स्पष्ट दिखाई देता है।लखनऊ की अनाबी अली, कानपुर की मायरा और मुरादाबाद की वाची का स्कूल में दाखिला सुनिश्चित कराया गया। गोरखपुर की पंखुड़ी की फीस माफ कराकर उसे दोबारा स्कूल भेजा गया।

लखीमपुर खीरी के शिवांशु और अजय कुमार की पढ़ाई दोबारा शुरू कराई गई और आर्थिक मदद भी दिलाई गई।कानपुर की मूक-बधिर खुशी गुप्ता की कहानी भी मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता का उदाहरण है। सीएम के निर्देश पर उसका इलाज कराया गया और आज वह बोल-सुन पा रही है। उसके बेहतर भविष्य का आश्वासन भी दिया गया।

31 दिसंबर 2025 को मेजर की बेटी अंजना भट्ट ने अपने मकान पर कब्जे की शिकायत की। मुख्यमंत्री के निर्देश पर 24 घंटे के भीतर मकान कब्जामुक्त कराया गया और आरोपियों की गिरफ्तारी भी हुई।कानपुर की एक वृद्ध मां अपने कैंसर पीड़ित बेटे के इलाज के लिए ‘जनता दर्शन’ पहुंची थीं। मुख्यमंत्री ने तुरंत एंबुलेंस से उसे अस्पताल भिजवाकर इलाज शुरू कराया।

गोरखपुर सर्किट हाउस में बच्चों से मिलना, चॉकलेट बांटना और एक बार बच्चों को हेलीकॉप्टर में बैठाना—ये सभी प्रसंग उनके सहज और वात्सल्य भाव को दर्शाते हैं।

25 करोड़ प्रदेशवासियों को अपना परिवार मानने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बच्चों के साथ भावनात्मक संवाद के जरिए न सिर्फ उनका आत्मविश्वास बढ़ाते हैं, बल्कि संस्कार, संवेदनशीलता और सुशासन का संदेश भी देते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here