उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वित्तीय वर्ष 2026–27 का बजट पेश किया। बजट भाषण की शुरुआत मुख्यमंत्री ने राज्य आंदोलनकारियों, पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी और वीर नारियों को नमन करते हुए की। उन्होंने कहा कि सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “इस दशक को उत्तराखंड का दशक बनाने” के संकल्प के अनुरूप काम कर रही है और इस बजट में आत्मनिर्भर उत्तराखंड की दिशा में कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं।
गैरसैंण विधानसभा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए 1.11 लाख करोड़ रुपये से अधिक का बजट पेश करते हुए राज्य के समग्र विकास की रूपरेखा सामने रखी। बजट से पहले उन्होंने राज्य आंदोलनकारियों, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और वीर नारियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले बजट में गरीबों और युवाओं को केंद्र में रखा गया था और इस बार भी आत्मनिर्भर उत्तराखंड के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण योजनाओं के लिए प्रावधान किए गए हैं।
स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में सरकार ने अटल आयुष्मान योजना के लिए करीब 600 करोड़ रुपये, राज्य खाद्यान्न योजना के लिए 25 करोड़ रुपये, प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 298 करोड़ रुपये और परिवहन क्षेत्र के लिए 42 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। वहीं महिलाओं और बच्चों के पोषण के लिए करीब 139 करोड़ रुपये, वात्सल्य योजना के लिए 15 करोड़ रुपये और अनुसूचित जाति उत्थान के लिए लगभग 2468 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इसके अलावा अल्पसंख्यक कल्याण के लिए 98 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। कृषि और बागवानी को बढ़ावा देने के लिए भी बजट में विशेष ध्यान दिया गया है। एप्पल मिशन के लिए 32 करोड़ रुपये, उद्यान विकास के लिए 40 करोड़ रुपये और उत्तराखंड महक क्रांति योजना के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करने के लिए देहरादून समेत कई जिलों में चिकित्सालयों का विकास किया जा रहा है। साथ ही डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देते हुए अपणु सरकार पोर्टल के माध्यम से 78 विभागों की सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके अलावा सूचना एवं लोक संपर्क विभाग के लिए 86 करोड़ रुपये, साइबर सिक्योरिटी के लिए 15 करोड़ रुपये, यूसीसी के क्रियान्वयन के लिए 5 करोड़ रुपये और नई भारतीय न्याय संहिताओं के क्रियान्वयन के लिए भी 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में विकास और पर्यावरण के संतुलन को ध्यान में रखते हुए काम किया जा रहा है। केदारखंड के साथ-साथ कुमाऊं क्षेत्र में भी धार्मिक और पर्यटन विकास परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।







