यूपी के बांदा में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर महंत धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री चार दिवसीय हनुमान कथा के लिए पहुंचे। इस दौरान उन्होंने प्रेस वार्ता कर कई मुद्दों पर खुलकर बयान दिए।
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि उन्होंने भगवान कामदगिरि से कामना की है कि भारत हिंदू राष्ट्र बने। हरिद्वार की हर की पौड़ी में मुसलमानों की एंट्री बैन करने की मांग पर उन्होंने कहा, “मेरे आंगन में तुम्हारा क्या काम है, जब हम काबा नहीं जाते, तो तुम्हारा बाबा के यहां क्या काम।” हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि मुसलमान अगर कथा में आते हैं तो उनका स्वागत है, लेकिन जिन्हें हिंदुत्व से परहेज है, वे घर पर टीवी खोलकर प्रवचन सुन सकते हैं।
अपने पुराने बयान “वेद नहीं पढ़ोगे तो नावेद और जावेद बनोगे” पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि यह बात सनातनियों के लिए कही गई है ताकि हिंदू अपने बच्चों को वेद पढ़ाएं। उन्होंने कहा कि अगर किसी को इससे मिर्ची लगती है तो उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता।
गुरुकुल शिक्षा पद्धति को लेकर धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि विदेशी आक्रांताओं ने सबसे पहले भारत की शिक्षा व्यवस्था पर हमला किया, उन्होंने कहा कि पहले “ग” से गणेश पढ़ाया जाता था तो उसे सांप्रदायिक कहा गया, अब “ग” से गधा पढ़ाया जाता है तो अच्छा बताया जाता है, उन्होंने आरोप लगाया कि भारत में सेकुलरिज्म का कीड़ा देश को बर्बाद कर रहा है और जिन लोगों को गुरुकुल पद्धति से दिक्कत है, वही इसके जिम्मेदार हैं।
जनसंख्या को लेकर उन्होंने कहा कि सरकार दो बच्चों की बात करती है, लेकिन “सच्चों के 30-30 बच्चे” क्यों हैं, उन्होंने हिंदुओं से अपील की कि वे अपनी जनसंख्या बढ़ाएं और कम से कम चार बच्चे पैदा करें ताकि जल, जंगल और जमीन बचाई जा सके उन्होंने बांग्लादेश का उदाहरण देते हुए कहा कि वही हालात भारत में भी हो सकते हैं।
धीरेंद्र शास्त्री ने यह भी कहा कि पहले अस्पतालों में मंदिर होते थे, अब मंदिरों में अस्पताल होंगे, उन्होंने बताया कि बुंदेलखंड में 2027 तक कैंसर अस्पताल बनकर तैयार हो जाएगा, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे।







