
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में जमीन फर्जीवाड़े का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि भूमाफियाओं ने असली जमीन मालिक की जगह फर्जी व्यक्ति खड़ा कर उसकी जाली आईडी तैयार कर करोड़ों रुपये की जमीन अपने नाम करा ली। मामला सामने आने के बाद शासन स्तर पर सख्ती बढ़ गई है।
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क्या है पूरा मामला?
बताया जा रहा है कि कुर्सी रोड इंडस्ट्रियल एरिया से सटी मेन हाईवे पर स्थित लगभग 6 पक्का बीघा जमीन, जो निजामुद्दीन के नाम दर्ज थी, पर भूमाफिया शहज़ाद और ज़फर इसरार की नजर पड़ गई।
आरोप है कि गैंग ने मिलकर:
- निजामुद्दीन की फर्जी पहचान पत्र तैयार किए,
- अपने एक सदस्य को असली मालिक बनाकर पेश किया,
- और पूरी जमीन की रजिस्ट्री अपने नाम करा ली।
पहले भी दर्ज हो चुका है मुकदमा
इस प्रकरण में वर्ष 2017 में मुकदमा दर्ज हुआ था। वहीं पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता विनोद पांडेय के अनुसार, वर्ष 2014 में ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस फर्जीवाड़े का खुलासा किया गया था। बावजूद इसके जमीन की बिक्री का सिलसिला जारी रहा।
प्रशासन हरकत में
मामले की गंभीरता को देखते हुए लखनऊ अपराध शाखा द्वारा जांच की जा रही है।
पीड़ित पक्ष ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से धारा 145 सीआरपीसी के तहत जमीन की सुरक्षा की मांग की है।
सूत्रों के मुताबिक, अपर मुख्य सचिव (गृह) ने डीएम और एसपी बाराबंकी को मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
अधिवक्ता विनोद पांडेय ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही प्रशासन भूमाफिया गिरोह पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई कर उन्हें जेल भेजेगा।
विनोद पांडेय, अधिवक्ता (हाई कोर्ट), मामले के पैरोक़ार बयान








