गोरखपुर। चार दिवसीय दौरे पर गोरखपुर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में करीब 150 लोगों की समस्याएं सुनीं। महंत दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार के बाहर आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे थे।
मुख्यमंत्री एक-एक व्यक्ति के पास जाकर उनकी समस्या सुनी और उनके प्रार्थना पत्र लेकर संबंधित अधिकारियों को सौंपते हुए जल्द समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि यदि किसी की जमीन पर कोई अवैध कब्जा करता है तो ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
होली के अगले दिन होने के बावजूद सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग गोरखनाथ मंदिर परिसर पहुंच गए थे। सभी लोगों को कुर्सियों पर बैठाकर व्यवस्थित तरीके से उनकी समस्याएं सुनी गईं। मंदिर परिसर का भ्रमण करने के बाद मुख्यमंत्री जनता दर्शन कार्यक्रम में पहुंचे और लोगों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
जनता दर्शन में सबसे अधिक शिकायतें जमीन से जुड़े विवादों की रहीं। इसके अलावा पारिवारिक विवाद और अन्य व्यक्तिगत समस्याएं भी सामने आईं। कई लोगों ने अपने परिजनों की गंभीर बीमारी के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग की। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि संबंधित मामलों का इस्टीमेट बनवाकर जरूरतमंदों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि पैसे के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने जनता से कहा कि जिलाधिकारी और अन्य अधिकारी प्रतिदिन अपने कार्यालयों में बैठते हैं, इसलिए लोग वहां भी अपनी समस्याएं लेकर जाएं। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिया कि तहसील और जिला स्तर पर ही अधिकतर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि जन समस्याओं का समाधान तत्परता और संवेदनशीलता के साथ किया जाना चाहिए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। हर समस्या का निस्तारण पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिपरक होना चाहिए, क्योंकि जनता की हर समस्या का समाधान सरकार की प्राथमिकता है।







