मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का साफ संदेश—उपद्रवियों पर ‘नजीर बनने’ वाली कार्रवाई
लखनऊ। आगामी होली और रमज़ान के मद्देनज़र प्रदेश में शांति, सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए राजधानी लखनऊ में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश दिए कि त्योहारों के दौरान माहौल बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और उपद्रवियों पर ऐसी सख्ती की जाए जो भविष्य के लिए नजीर बने।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि त्योहार आपसी भाईचारे और सामाजिक समरसता के प्रतीक हैं। ऐसे में किसी भी वर्ग, समुदाय या धार्मिक भावना को आहत करने वाली गतिविधि पर तत्काल और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
सामाजिक सौहार्द सर्वोपरि, अभद्र गीत-संगीत पर पूरी रोक

बैठक में निर्देश दिए गए कि होली के दौरान अश्लील और अभद्र गीत-संगीत पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। सार्वजनिक स्थानों पर ऐसे किसी भी आयोजन को अनुमति नहीं दी जाएगी जो सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करे।
ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए संवाद और समन्वय के माध्यम से कार्यवाही करने को कहा गया है, ताकि त्योहार उल्लास के साथ लेकिन नियमों के दायरे में मनाए जा सकें।
होलिका दहन समितियों और पीस कमेटियों की बैठकें अनिवार्य
प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि सभी जिलों में होलिका दहन समितियों और पीस कमेटियों की बैठकें अनिवार्य रूप से आयोजित की जाएं। स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों, धर्मगुरुओं और सामाजिक संगठनों के साथ संवाद स्थापित कर शांति और समन्वय का वातावरण सुनिश्चित किया जाएगा।
परिवहन व्यवस्था सुदृढ़, मनमाना किराया वसूलने पर सख्ती

होली के अवसर पर यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अतिरिक्त बसों के संचालन के निर्देश दिए गए हैं। स्पष्ट किया गया है कि केवल फिट और सुरक्षित बसों का ही संचालन किया जाएगा।
साथ ही, मनमाना किराया वसूलने वाले संचालकों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। परिवहन विभाग को विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
निर्बाध बिजली और पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के आदेश
त्योहारों के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ऊर्जा विभाग को अलर्ट रहने को कहा गया है। कहीं भी अनावश्यक कटौती न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा।
इसके साथ ही शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभागों को पहले से तैयारी रखने का निर्देश दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग को सतर्क रहने के निर्देश, आपात सेवाएं रहेंगी सक्रिय

सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। इमरजेंसी सेवाओं, एंबुलेंस और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में तुरंत राहत मिल सके।
बोर्ड परीक्षाओं के बीच शांति-व्यवस्था पर विशेष जोर
चूंकि त्योहारों का समय बोर्ड परीक्षाओं के साथ पड़ रहा है, इसलिए परीक्षा केंद्रों के आसपास विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। ध्वनि प्रदूषण और भीड़भाड़ से छात्रों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, यह सुनिश्चित करने को कहा गया है।
सुरक्षा व्यवस्था रहेगी चाक-चौबंद
प्रदेशभर में पुलिस और प्रशासन को त्योहारों के दौरान सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा और अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखी जाएगी।
सरकार का स्पष्ट संदेश है—त्योहार सौहार्द और उल्लास का प्रतीक हैं, लेकिन कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के लिए कोई रियायत नहीं होगी। प्रशासनिक मशीनरी को पूरी तरह सक्रिय रखते हुए शांति और सुरक्षा के साथ त्योहार संपन्न कराने की तैयारी अंतिम चरण में है।







