नाम महमूदा बेगम और पता बांग्लादेश के नारायणगंज का बताया जा रहा है। वह 9 फरवरी 2021 को पासपोर्ट और वीजा लेकर भारत आई थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। करीब 5 साल बाद उसका पता तब चला, जब उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र के दौताई गांव में पुलिस जांच करने पहुंची।
यहां एक मुखबिर ने सब इंस्पेक्टर शिवांग शेखर को बताया कि गांव में रानी बेगम नाम की महिला रह रही है, जो असल में बांग्लादेश की है। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम बताए गए घर पहुंची, लेकिन महिला नहीं मिली। तलाशी में एक बैग मिला, जिसमें पासपोर्ट, वीजा और कई दस्तावेज थे। जांच में पता चला कि रानी बेगम ही महमूदा बेगम है।
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पुलिस के अनुसार, वह पिछले करीब एक साल से मोहम्मद मशरूफ की पत्नी बनकर गांव में रह रही थी। बैग से बांग्लादेश का पासपोर्ट, नेशनल आईडी, भारतीय दस्तावेज और बांग्लादेशी करेंसी भी बरामद हुई।
जांच में यह भी सामने आया कि महमूदा ने 11 फरवरी 2021 को दिल्ली स्थित हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह में निकाह किया था। उसके पास भारतीय वोटर कार्ड, बैंक पासबुक, सिम कार्ड के कागज और पंचायत से जारी निवास प्रमाण पत्र भी मिला। माना जा रहा है कि वीजा खत्म होने के बाद उसने पहचान बदलकर ये दस्तावेज बनवाए।
इस मामले में महमूदा बेगम और उसके पति मोहम्मद मशरूफ के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। कलानिधि नैथानी, डीआईजी मेरठ रेंज ने बताया कि दोनों की तलाश में पुलिस टीम लगातार छापेमारी कर रही है। मामले के सामने आने के बाद इंटेलिजेंस ब्यूरो और मिलिट्री इंटेलिजेंस समेत अन्य एजेंसियां भी अलर्ट हो गई हैं।







