Home Health News बैरिया में अवैध अस्पताल का भंडाफोड़: सिजेरियन के बाद प्रसूता की मौत,...

बैरिया में अवैध अस्पताल का भंडाफोड़: सिजेरियन के बाद प्रसूता की मौत, अस्पताल सील

79
0

उत्तर प्रदेश के उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के बैरिया क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली एक दर्दनाक घटना सामने आई है। शकील कटरा स्थित एक कथित अवैध निजी अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन के बाद 24 वर्षीय महिला की मौत हो गई, जबकि नवजात शिशु सुरक्षित है।

Also read-भगवाधारी योगी का जलवा देखकर पूरी दुनिया हैरान ! एक झलक पाने के लिए उमड़ा जनसैलाब

मृतका ममता, दोकटी थाना क्षेत्र के रामपुर (दलन छपरा) गांव निवासी विमलेश साह की पत्नी थीं और अपने पहले बच्चे के जन्म के लिए मायके सोनबरसा आई हुई थीं। परिजनों के अनुसार, एक आशा कार्यकर्ता की सलाह पर उन्हें रविवार शाम उक्त अस्पताल में भर्ती कराया गया

सोमवार सुबह कथित डॉक्टर सुमन द्वारा सिजेरियन ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के बाद बच्चा सुरक्षित पैदा हुआ, लेकिन प्रसूता की हालत बिगड़ती चली गई। आरोप है कि अत्यधिक रक्तस्राव के बावजूद अस्पताल प्रशासन ने समय रहते किसी बड़े अस्पताल के लिए रेफर नहीं किया।

परिजनों का कहना है कि अस्पताल में न तो ऑक्सीजन की समुचित व्यवस्था थी और न ही रक्त चढ़ाने की सुविधा। इसके बावजूद इलाज का भरोसा दिया जाता रहा और ऑपरेशन के नाम पर लगभग 50 हजार रुपये जमा कराए गए। दोपहर करीब दो बजे ममता की मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल का डॉक्टर और स्टाफ मौके से फरार हो गया।

सूचना पर पहुंची बैरिया पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच में अस्पताल अपंजीकृत पाया गया और वहां कोई अधिकृत विशेषज्ञ डॉक्टर तैनात नहीं मिला। परिजनों की तहरीर पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मौके से लेटर पैड, विजिटिंग कार्ड और अन्य दस्तावेज जब्त किए गए हैं।

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच के बाद अस्पताल को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जबकि परिजनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और न्याय की मांग की है।

एक ओर सरकार सुरक्षित मातृत्व और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर अवैध अस्पतालों का संचालन लोगों की जान के साथ खिलवाड़ करता नजर आ रहा है। अब बड़ा सवाल यह है कि बिना पंजीकरण और बिना विशेषज्ञ डॉक्टर के यह अस्पताल आखिर कब से चल रहा था और जिम्मेदार अधिकारियों की नजर इस पर क्यों नहीं पड़ी?

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here