बाराबंकी जिले के किंतूर कस्बे में गहरा शोक व्याप्त है। देर रात ईरान पर अमेरिका और इज़रायल के हमले की खबरों के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अली ख़ामेनेई के निधन की सूचना सामने आने पर स्थानीय लोगों ने गहरा दुख व्यक्त किया।
किंतूर कस्बा ऐतिहासिक रूप से ईरान के प्रथम सर्वोच्च नेता रुहोल्लाह ख़ुमैनी के परिवार से संबंधों के कारण चर्चा में रहा है। यहां रह रहे उनके परिजनों और अनुयायियों ने इस खबर को अत्यंत पीड़ादायक बताते हुए कहा कि यह क्षति केवल ईरान की नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए दुखद है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में बढ़ता तनाव चिंता का विषय है। उन्होंने अपील की कि क्षेत्र में शांति, भाईचारा और संयम बनाए रखना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। लोगों ने कहा कि हिंसा कभी भी किसी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकती। किंतूर और आसपास के इलाकों में लोगों ने संवेदनाएं व्यक्त कीं। कई स्थानों पर मजलिस का आयोजन किया गया और दिवंगत नेता की आत्मा की शांति के लिए दुआएं की गईं।
किंतूर में शोक का माहौल है। लोग दुआओं और मजलिस के जरिए अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं। स्थानीय नागरिकों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी शांति और संवाद के रास्ते पर आगे बढ़ने की अपील की है।







