इरफान सोलंकी को मिली कोर्ट से राहत, गैंगस्टर एक्ट मामले में जमानत मंजूर
समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और सीसामऊ से पूर्व विधायक इरफान सोलंकी को एक बड़ी कानूनी राहत मिली है, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मामले में जमानत अर्जी मंजूर कर ली है, यह फैसला जस्टिस समीर जैन की एकल पीठ ने सुनाया।

कोर्ट ने भाई रिजवान और सहयोगी इजरायल को भी दी जमानत
इस मामले में इरफान सोलंकी के साथ-साथ उनके भाई रिजवान सोलंकी और करीबी सहयोगी इजरायल आटेवाला को भी आरोपी बनाया गया था, कोर्ट ने तीनों की जमानत याचिकाएं मंजूर करते हुए उन्हें जेल से रिहा करने का रास्ता साफ कर दिया है।
2 सितंबर को सुरक्षित रखा गया था फैसला
जानकारी के मुताबिक, दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद कोर्ट ने 2 सितंबर 2025 को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे अब घोषित कर दिया गया है,
तीनों अभियुक्तों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता इमरान उल्ला और विनीत विक्रम सिंह ने पैरवी की, जबकि राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने जमानत का विरोध किया।
यह मामला 6 दिसंबर 2022 को दर्ज एफआईआर से जुड़ा है, जब कानपुर के जाजमऊ थाने में तत्कालीन इंस्पेक्टर अशोक कुमार दुबे द्वारा गैंगस्टर एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, एफआईआर में आरोप लगाया गया था कि इरफान सोलंकी ने एक संगठित गिरोह बनाकर आर्थिक लाभ के उद्देश्य से आम जनता को डराने-धमकाने का कार्य किया इस मामले में कुल कई अन्य नाम भी शामिल हैं, जिन पर गैंग से जुड़े होने के आरोप लगे।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब इरफान सोलंकी और उनके सहयोगी जल्द ही जेल से रिहा होंगे, सियासी हलकों में इस फैसले को सपा के लिए एक बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, खासकर 2027 के चुनावों को देखते हुए







