दिल्ली की अदालत से कथित शराब नीति मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत 21 आरोपियों को राहत मिलने के बाद देश की राजनीति गरमा गई है। अदालत के फैसले के तुरंत बाद समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर कड़ा हमला बोला और इसे भाजपा की नैतिक पराजय बताया।
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अखिलेश यादव ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि न्यायालय के निर्णय ने साबित कर दिया है कि सच को ज्यादा समय तक दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि आज न्याय और सत्य दोनों अरविंद केजरीवाल के साथ खड़े नजर आ रहे हैं। सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा ने राजनीतिक विरोधियों को बदनाम करने की कोशिश की और अब अदालत के फैसले ने उसकी मंशा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने इसे भाजपा के लिए “नैतिक मृत्युदंड” जैसा बताया। दरअसल, विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने सीबीआई की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार करते हुए जांच प्रक्रिया में कई खामियों की ओर इशारा किया। अदालत ने कहा कि जांच एजेंसी ठोस साक्ष्य पेश करने में असफल रही और साजिश की कहानी केवल अनुमानों पर आधारित थी। कोर्ट के मुताबिक केजरीवाल के खिलाफ कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला, वहीं मनीष सिसोदिया के मामले में भी कोई बरामदगी नहीं हुई। अदालत ने सरकारी गवाहों के जरिए जांच की कमियां भरने के तरीके पर भी सवाल उठाए। फैसले के बाद अरविंद केजरीवाल भावुक दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि यह पूरी कार्रवाई राजनीतिक साजिश थी और अदालत ने स्पष्ट कर दिया कि आम आदमी पार्टी ईमानदार राजनीति कर रही है। उन्होंने खुद और सिसोदिया को “कट्टर ईमानदार” बताया।हालांकि मामला यहीं खत्म नहीं हुआ है। सीबीआई ने संकेत दिया है कि वह इस फैसले को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती देगी और जल्द अपील दाखिल करेगी।







