भारत और अमेरिका ने अपेक्षित व्यापार समझौते की अंतरिम रूपरेखा आधारिक तौर पर जारी कर दी है। आपको बता दें कि भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर पिछले हफ्ते सहमति बनी थी।
केंद्रीय वाणिज्यिक और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने X पोस्ट में लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी के निर्णायक नेतृत्व में भारत ने अमेरिका के साथ एक अंतरिम समझौते के लिए रूपरेखा तैयार कर ली है। इस समझौते से भारतीय निर्यात व्यापारी, विशेष तौर पर माध्यम एवं लघु उद्यमों (MSME), किसानों और मछुआरों के लिए 30 ट्रिलियन डालर का बाजार खुल जाएगा। निर्यात में वृद्धि से हमारी महिलाओं और युवाओं के लिए लाखों नए रोजगार के अवसरों का निर्माण होगा।
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत द्वारा रूसी खरीद पर लगाए 25 प्रतिशत टैरिफ को हटाने की दिशा में कदम उठाया। यह कदम इस सप्ताह घोषित व्यापार समझौते को लागू करने के लिए उठाया गया है। ट्रंप द्वारा हस्ताक्षरित एक कार्यकारी आदेश के अनुसार “भारत ने रूसी संघ से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आयात को बंद करने की प्रतिबद्धता जताई है।
उन्होंने यह भी लिखा है कि इस रूपरेखा के अधीन, अमेरिका भारतीय वस्तुओं पर पारस्परिक शुल्क घटाकर 18% कर देगा, जिससे दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में वस्त्र एवं परिधान, चमड़ा एवं जूते, प्लास्टिक एवं रबर उत्पाद, जैविक रसायन, गृह सज्जा, हस्तशिल्प उत्पाद और चुनिंदा मशीनरी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में विशाल बाजार को अवसर उपलब्ध होंगे। इसके अलावा, सामान्य दवाइयों, रत्न एवं हीरे तथा विमान के पुर्जों सहित कई प्रकार की वस्तुओं पर शुल्क शून्य हो जाएगा, जिससे भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता और ‘मेक इन इंडिया’ को और बढ़ावा मिलेगा।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने X पर पोस्ट में लिखा कि जेनेरिक दवाइयों, रत्नों और हीरों, तथा विमान के पुर्जों सहित कई प्रकार की वस्तुओं पर टैरिफ शून्य हो जाएगा, जिससे बहुत के निर्यात प्रतिस्पर्धा और ‘मेक इन इंडिया’ को और ज्यादा बढ़ावा मिलेगा। भारत को विमान के पुर्जों पर 1962 का व्यापार विस्तार अधिनियम की धारा 232 के तहत छूट, ऑटो पुर्जों पर टैरिफ दर कोटा और जेनेरिक दवाइयों पर बातचीत के माध्यम से प्राप्त लाभ भी मिलेंगे, जिससे इन क्षेत्रों में निर्यात में ठोस वृद्धि होगी।
गोयल ने X पोस्ट में लिखा कि साथ ही, यह समझौता किसानों के हितों की रक्षा और ग्रामीण आजीविका को बनाए रखने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत मक्का, गेहूं, चावल, सोया, मुर्गी पालन, दूध, पनीर, इथेनॉल (ईंधन), तंबाकू, कुछ सब्जियां, मांस आदि जैसे संवेदनशील कृषि और डेयरी उत्पादों को पूर्ण संरक्षण प्रदान किया जाएगा। यह समझौता भारत और अमेरिका के आर्थिक सहयोग को और गहरा करने के लिए मिलकर काम करने पर ध्यान केंद्रित करने में मदद करेगा, जो हमारे लोगों और व्यवसायों के सतत विकास के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। विकसित भारत की ओर!







