उत्तर प्रदेश की राजनीति में उस वक्त हलचल तेज हो गई जब बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के आवास पर आयकर विभाग की छापेमारी की कार्रवाई सामने आई। इस कार्रवाई को लेकर अब सियासी बयानबाज़ी भी तेज हो गई है।
जहां एक ओर भाजपा सरकार में मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाए, वहीं अब बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी ट्वीट कर इस पूरी घटना को “अति-दुर्भाग्यपूर्ण” बताया है।
अपने सोशल मीडिया अकॉउंट से एक पोस्ट करते हुए मायावती ने कहा कि-“बी.एस.पी. के विधायक श्री उमाशंकर सिंह जबसे बी.एस.पी. में आये हैं उन्होंने पूरी ईमानदारी व निष्ठा से अपनी ज़िम्मेदारी निभाई है। आज तक इनके क्षेत्र से इनके बारे में किसी भी प्रकार की अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित करने या अन्य कोई भी गलत कार्य करने की शिकायत नहीं आई है।
पिछले लगभग दो वर्षों से वे गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। ऐसी स्थिति में यदि आयकर विभाग को कोई शिकायत मिली थी तो उनके स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उनके ठीक होने के बाद पूछताछ की जा सकती थी।
हम विभाग के कार्य में दखल नहीं दे रहे हैं, लेकिन गंभीर बीमारी के दौरान की गई यह कार्रवाई अति-दुर्भाग्यपूर्ण और मानवता के खिलाफ है।”
राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि उमाशंकर सिंह, मायावती के बेहद करीबी नेताओं में गिने जाते हैं। उनके परिवार में शादी समारोह हो या कोई निजी कार्यक्रम, मायावती की मौजूदगी चर्चा में रहती है। सोशल मीडिया पर एक तस्वीर भी वायरल होती रही है, जिसमें मायावती उमाशंकर सिंह को राखी बांधती नजर आ रही हैं — जो उनके पारिवारिक और भावनात्मक संबंधों को दर्शाती है।
आयकर विभाग की इस कार्रवाई के बाद प्रदेश की राजनीति में नए सवाल खड़े हो गए हैं।
फिलहाल, यह मामला राजनीतिक बहस का बड़ा विषय बन चुका है।







