उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बीजेपी में जातिवाद और अंदरूनी खींचतान के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी में न ठाकुरवाद है और न ब्राह्मणवाद, बल्कि यहां सिर्फ बीजेपी वाद चलता है। पार्टी का सिद्धांत है – सबका साथ, सबका विकास, सबको सम्मान और सबको बराबर का स्थान।
एबीपी से बातचीत में डिप्टी सीएम ने कहा कि समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वे बेवजह इस तरह के सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई विधायक किसी के जन्मदिन, सालगिरह या साथ बैठकर लिट्टी-चोखा खाने चला जाए, तो इसे जातिगत बैठक कहना गलत है।
जब उनसे ब्राह्मण विधायकों की नाराजगी और ठाकुर बनाम ब्राह्मण की राजनीति के आरोपों पर सवाल किया गया, तो केशव मौर्य ने साफ कहा कि यूपी में सिर्फ बीजेपी वाद चलेगा। जो भी अलग राह अपनाएगा, उसका भविष्य अंधकार में होगा और यह बात पार्टी के सभी सदस्यों को पता है।
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उन्होंने यह भी कहा कि सदन सत्र के दौरान विधायकों का आपस में मिलना स्वाभाविक है। किसी की फोटो सामने आ जाने से यह साबित नहीं होता कि पार्टी में कोई विवाद या जातिवाद है।
कुलदीप सिंह सेंगर को जमानत मिलने पर केशव मौर्य ने कहा कि यह मामला अदालत के अधीन है। बीजेपी या सरकार अदालत के फैसलों में दखल नहीं देती। उन्होंने साफ किया कि कुलदीप सिंह सेंगर को पहले ही पार्टी से बर्खास्त किया जा चुका है और सरकार पीड़ित परिवार के साथ पहले भी खड़ी थी, आज भी है और आगे भी रहेगी।
अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए केशव मौर्य ने कहा कि बीजेपी बहुत मजबूत है और 2027 के विधानसभा चुनाव में पार्टी 2017 जैसा ही रिकॉर्ड दोहराएगी। उन्होंने दावा किया कि जनता का भरोसा बीजेपी और उसके नेतृत्व पर बना हुआ है।







