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उत्तर भारत में ब्लास्ट प्लान फेल! डॉक्टर की आतंकी लैब का खुलासा अब NIA के निशाने पर पूरा नेटवर्क!

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हरियाणा के फरीदाबाद के धौज गांव में एक किराए के मकान से भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियारों का जखीरा मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। शुरुआती जांच में साफ हुआ है कि यह कोई साधारण बरामदगी नहीं, बल्कि उत्तर भारत में बड़े आतंकी हमले की साजिश को नाकाम करने वाली बड़ी सफलता है।यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर पुलिस, इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और हरियाणा पुलिस की संयुक्त ऑपरेशन टीम ने अंजाम दी। जांच में शुरुआती सुराग डॉ. आदिल अहमद राठर की गिरफ्तारी से मिला जो इस खतरनाक नेटवर्क की कड़ी था। आदिल से पूछताछ में पुलिस को डॉ. शकील का नाम मिला, जिसने चौंकाने वाला खुलासा किया फरीदाबाद के धौज गांव में एक घर में उसने विस्फोटक और हथियार छिपाकर रखे हैं।रविवार सुबह पुलिस उसे मौके पर लेकर पहुंची और वहां जो मिला, उसने सबको सन्न कर दिया।

360 किलो विस्फोटक और हथियारों का भंडार

छापेमारी के दौरान पुलिस ने करीब 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट बरामद किया यह वही पदार्थ है जो IED बनाने में इस्तेमाल होता है। इसके अलावा 5 किलो धातु, 20 टाइमर, 24 रिमोट, बैटरियां, इलेक्ट्रिक वायर, कई सर्किट बोर्ड और अन्य सामग्री मिली जिससे साफ है कि ये सभी चीजें घातक IED विस्फोट तैयार करने के लिए जुटाई गई थीं।इतना ही नहीं, एक असॉल्ट राइफल (AK-47 जैसी दिखने वाली), तीन मैगजीन, 84 जिंदा कारतूस, एक पिस्टल, आठ लाइव राउंड और कई सूटकेस में छिपे उपकरण भी बरामद हुए। साथ ही वॉकी-टॉकी और संचार उपकरणों की बरामदगी से यह साफ हो गया कि यह पूरी तरह से संगठित आतंकी नेटवर्क का हिस्सा था।

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मुजम्मिल की गिरफ्तारी — बड़ा ब्रेकथ्रू

जांच आगे बढ़ी तो पुलिस ने डॉ. मुजम्मिल को गिरफ्तार किया, जो फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में पढ़ाता था। सूत्रों के मुताबिक, यही वह व्यक्ति है जो इस आतंकी मॉड्यूल का संचालन कर रहा था। पुलिस का मानना है कि अगर यह सामान समय पर न मिला होता, तो उत्तर भारत एक भीषण हमले का गवाह बन सकता था।

NIA की एंट्री तय, ऑपरेशन अभी जारी

बरामद सभी विस्फोटक सामग्री को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। अब एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि फंडिंग कहां से आई, सीमा पार से कौन जुड़ा था और स्थानीय मददगार कौन हैं।संभावना है कि इस पूरे मामले की जांच में NIA (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) भी शामिल हो सकती है।फरीदाबाद पुलिस कमिश्नर सत्येंद्र गुप्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि ऑपरेशन अभी भी जारी है और कई और खुलासे होने बाकी हैं। उन्होंने पुष्टि की कि मुख्य आरोपी डॉ. मुजम्मिल को करीब 10 दिन पहले गिरफ्तार किया गया था।सत्येंद्र गुप्ता ने कहा “यह सिर्फ एक छापेमारी नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ी सफलता है। हमने एक बड़े आतंकी नेटवर्क को समय रहते रोक लिया है।”अब सवाल यही है क्या इस साजिश के और भी हिस्से देश के अन्य राज्यों में फैले हुए हैं? जांच जारी है… और अगला खुलासा कहीं और बड़ा हो सकता है।

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