जेल से रिहा होने के बाद पूर्णिया (बिहार) के सांसद पप्पू यादव राजस्थान के अजमेर पहुंचे, जहां उन्होंने सूफी संत हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती उर्फ ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह पर हाजिरी लगाई। पप्पू यादव ने दरगाह में चादर पेश कर अपनी जिंदगी की कामयाबी, खुशहाली और समाज सेवा के लिए दुआ मांगी। दरगाह पहुंचने पर खादिम पीर सैय्यद नफीस मियां ने उन्हें जियारत कराई। इस दौरान उनकी दस्तारबंदी की गई और तबर्रुक भेंट किया गया।
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जियारत के बाद मीडिया से बातचीत में पप्पू यादव ने कहा कि उन्हें ख्वाजा गरीब नवाज से गहरी आस्था है और जब भी जिंदगी में कोई संकट आता है, वे ख्वाजा साहब को ही याद करते हैं। उन्होंने देश में अमन-चैन और मोहब्बत कायम रहने की दुआ करते हुए कहा कि मुल्क से नफरत और गरीबी खत्म होनी चाहिए। हर इंसान मुस्कुराए, किसी की आंख में आंसू न हो — यही उनकी प्रार्थना है। पप्पू यादव ने भावुक अंदाज में कहा, “मैं ख्वाजा साहब के दरबार में एक भिखारी बेटे की तरह आया हूं। समाज सेवा की ताकत मांगने आया हूं। दुनिया अपने लिए जीती है, लेकिन मैं दुनिया के लिए जीना और मरना चाहता हूं। लोग अपने लिए हाथ फैलाते हैं, मैं दुनिया के लिए हाथ खोलता हूं।” उन्होंने आगे कहा कि ख्वाजा के दर से उन्हें हिम्मत और ताकत मिलती है। राजस्थान की खुशहाली, शांति और भाईचारे के लिए भी उन्होंने दुआ मांगी। साथ ही कहा कि जनता उन्हें इतनी आवाज दे कि वे अत्याचार और अन्याय के खिलाफ मजबूती से लड़ सकें और हर धर्म-जाति की बेटियों को न्याय दिलाने की लड़ाई जीत सकें। बिहार को लेकर पप्पू यादव ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बिहार को अक्सर देश के गरीब राज्यों में गिना जाता है, जबकि बिहार देश निर्माण में बड़ी भूमिका निभाता है। उन्होंने राज्य की आर्थिक तरक्की और हर परिवार की खुशहाली के लिए दुआ की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के “सबका साथ, सबका विकास” नारे पर उन्होंने कहा कि वे ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि सभी को सद्बुद्धि मिले, हर धर्म-जाति का सम्मान हो और देश का संविधान सर्वोपरि मानकर शासन चलाया जाए। उन्होंने संविधान को गीता के समान मानते हुए कहा कि देश को गीता, कुरान, बाइबिल और रामायण जैसे पवित्र ग्रंथों की भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए। दरगाह में पप्पू यादव की मौजूदगी से जायरीन में उत्साह का माहौल दिखा। लोगों में उनके साथ सेल्फी लेने की होड़ मच गई। वहीं अजमेर में कारोबार कर रहे बिहार के लोगों ने भी अपने नेता से मुलाकात की। दरगाह और आसपास काम करने वाले बिहारियों ने फूल-मालाएं पहनाकर उनका स्वागत किया और उनके अच्छे स्वास्थ्य व लंबी उम्र की कामना की।







