अहमदाबाद में हुए भयावह एयर इंडिया प्लेन क्रैश ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस हादसे में कई ज़िंदगियां एक पल में बदल गईं। उन्हीं में से एक हैं अयोध्या के लाल, 18 वर्षीय अक्षत जायसवाल — जो अभी ज़िंदगी की शुरुआत ही कर रहे थे।अक्षत, अहमदाबाद के प्रतिष्ठित बी.जे. मेडिकल कॉलेज में MBBS प्रथम वर्ष के छात्र हैं। डॉक्टर बनने का सपना आंखों में लेकर देवकाली के भीखापुर गांव से सैकड़ों किलोमीटर दूर आए अक्षत के साथ जो हुआ, वह किसी डरावने सपने से कम नहीं था।
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घटना दोपहर की है। अक्षत कॉलेज की मेस में अपने साथियों के साथ भोजन कर रहे थे। बाहर सूरज अपनी रोशनी बिखेर रहा था, लेकिन कोई नहीं जानता था कि आसमान से मौत की परछाईं उतर रही है। तभी एक ज़ोरदार धमाका हुआ जैसे धरती कांप उठी हो।एयर इंडिया का विमान सीधे कॉलेज की इमारत से टकरा गया। चीख-पुकार मच गई। हॉल में अफरा-तफरी का आलम था। घायल छात्र-छात्राएं इधर-उधर भाग रहे थे। और उसी मंजर के बीच अक्षत खून से लथपथ ज़मीन पर गिर पड़े। उनके सिर, हाथ और पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। इस वक्त वे ICU में भर्ती हैं, और डॉक्टरों की एक टीम लगातार उनकी निगरानी में जुटी है।जैसे ही यह भयावह ख़बर अयोध्या के भीखापुर पहुंची, पूरा इलाका सन्नाटे में डूब गया। अक्षत के पिता राजेश जायसवाल, जो एक सामान्य परिवार से हैं, यह सुनते ही होश गंवा बैठे। बिना कुछ सोचे-समझे, वो अपने बेटे को देखने और बचाने की आस में उसी रात परिवार सहित अहमदाबाद के लिए रवाना हो गए।अक्षत अपने मां-बाप के इकलौते बेटे हैं ,पूरे परिवार की उम्मीद, उनके सपनों का केंद्र। आज वो अस्पताल के बिस्तर पर जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं और उनका हर अपना , गांव, मोहल्ला, दोस्त, गुरुजन , भगवान से बस एक ही दुआ मांग रहे हैं,हे ईश्वर, हमारे अक्षत को बचा लो… वो अभी बहुत छोटा है… उसके सपनों की उड़ान अभी बाकी है।”







