दिनदहाड़े हुई थी वारदात, कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल
लखनऊ । राजधानी लखनऊ से सटे बाराबंकी जिले में अधिवक्ता की सरेआम हत्या के मामले ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सफेदाबाद क्षेत्र के असैनी मोड़ पर हुई इस सनसनीखेज वारदात को चार दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस, क्राइम ब्रांच और एसटीएफ की तमाम कोशिशों के बावजूद हत्यारों तक पहुंच नहीं बन सकी है।
मुखबिर तंत्र से सर्विलांस तक, हर एंगल से जांच
हत्या के खुलासे के लिए पुलिस ने जमीनी मुखबिरों, तकनीकी सर्विलांस और संभावित रंजिश जैसे सभी पहलुओं पर जांच तेज की। कई टीमें अलग-अलग दिशाओं में सक्रिय की गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग सका है।दिनदहाड़े गोलियों की बौछार कर बदमाश फरार हो गए और पुलिस के लिए यह मामला अब भी चुनौती बना हुआ है।
वकीलों का अल्टीमेटम, बढ़ा पुलिस पर दबाव

घटना के बाद अधिवक्ता समुदाय में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला। वकीलों ने पुलिस को स्पष्ट चेतावनी दी थी कि यदि तय समयसीमा में हत्यारे गिरफ्तार नहीं हुए तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। अल्टीमेटम के बाद पुलिस ने जांच की रफ्तार जरूर बढ़ाई, लेकिन नतीजे अब भी शून्य हैं।
सरेआम हत्या से फैली सनसनी

नगर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सफेदाबाद इलाके में असैनी मोड़ पर हुई इस हत्या ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया था। व्यस्त सड़क पर अंजाम दी गई वारदात से आमजन में दहशत फैल गई और बदमाशों के हौसले बुलंद नजर आए।
पुलिस का दावा—जल्द होगा खुलासा
मामले पर अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि जांच पूरी गंभीरता से की जा रही है। हर संभावित कड़ी को जोड़कर देखा जा रहा है और उम्मीद है कि जल्द ही हत्यारे गिरफ्तार कर लिए जाएंगे।
अब भी जवाबों का इंतजार
चार दिन बीत जाने के बाद भी सवाल वही हैं—दिनदहाड़े हुई इस हत्या के पीछे कौन है, वजह क्या थी और कब तक आरोपी कानून की गिरफ्त में आएंगे? फिलहाल अधिवक्ता हत्याकांड पुलिस के लिए एक बड़ी परीक्षा बना हुआ है और पूरे मामले पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।







