कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने उन्नाव बलात्कार मामले में दोषी कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रकैद की सजा दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा निलंबित किए जाने के बाद अपनी चिंता जताई, उन्होंने इसे निराशाजनक और शर्मनाक बताया और कहा कि इससे केवल एक मृत अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि एक मृत समाज बनता जा रहा है।
दिल्ली उच्च न्यायालय का फैसला
दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को सेंगर की उम्रकैद की सजा निलंबित कर दी, जबकि सेंगर पहले ही सात साल पांच महीने जेल में काट चुका था, राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि क्या एक गैंगरेप पीड़िता के साथ ऐसा व्यवहार उचित है? उन्होंने सवाल उठाया कि क्या उसकी “गलती” यह है कि वह न्याय के लिए अपनी आवाज़ उठा रही है, राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि पीड़िता को बार-बार प्रताड़ित किया जा रहा है, और वह लगातार डर के साये में जी रही है।
राहुल गांधी ने कहा, “बलात्कारियों को जमानत और पीड़िताओं के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार… यह कैसा न्याय है? हम सिर्फ़ एक मृत अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि ऐसी अमानवीय घटनाओं के साथ एक मृत समाज भी बनते जा रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि लोकतंत्र में असहमति की आवाज़ उठाना अधिकार है, और उसे दबाना अपराध है, पीड़िता को सम्मान, सुरक्षा और न्याय मिलना चाहिए, न कि बेबस और अन्याय का सामना।







