आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने लखनऊ में आयोजित एक प्रेस वार्ता में एसआईआर (SIR) प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया सुनियोजित धोखाधड़ी है, जिसके जरिए उत्तर प्रदेश में विपक्षी दलों के मतदाताओं के वोट काटे जा रहे हैं, जबकि सत्ता पक्ष अपने वोट जोड़ने का काम कर रहा है।
संजय सिंह ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया के दौरान कई स्थानों पर जीवित मतदाताओं को मृत घोषित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव से पहले भी इस प्रक्रिया में भारी अनियमितताओं के आरोप लगे थे, लेकिन तब किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया और परिणाम सबके सामने हैं। कन्नौज के छिबरामऊ का उदाहरण देते हुए संजय सिंह ने कहा कि वहां सैकड़ों जीवित लोगों को मृत घोषित कर दिया गया है, जबकि नोएडा में इसके उलट मृत लोगों को जीवित दिखा दिया गया। उन्होंने इसे पूरी व्यवस्था की गंभीर विफलता बताया।
भाजपा विधायक नीरज बोरा के एक बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय सिंह ने कहा,“भाजपा अपने वोट तो जोड़ लेगी, लेकिन क्या विपक्ष का कोई नेता एक भी वोट जोड़ पाएगा?”
उन्होंने कहा कि गहन पुनरीक्षण जैसी संवेदनशील और महत्वपूर्ण प्रक्रिया में किसी भी तरह की गलती स्वीकार्य नहीं है।
संजय सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार हर बूथ पर करीब 200 वोट बढ़ाने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कुल 1 लाख 77 हजार बूथ हैं और इस हिसाब से लगभग 3.5 करोड़ वोट जोड़ने की योजना बनाई गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के कुछ दल भ्रम में हैं कि भाजपा के वोट कटे हैं, जबकि सच्चाई यह है कि विपक्ष के वोट काटे जा रहे हैं और सत्ता पक्ष अपने वोट बढ़ा रहा है।
अंत में संजय सिंह ने दावा किया “उत्तर प्रदेश में SIR प्रक्रिया पूरी तरह फ्रॉड हो चुकी है। अगर इसकी निष्पक्ष जांच हुई तो कई लोग जेल जाएंगे और बड़े-बड़े घोटाले सामने आएंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि यूपी में काटे गए वोटों की संख्या कनाडा की कुल आबादी से भी ज्यादा है।







