उत्तराखंड में मानव–वन्यजीव संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है, जंगली जानवरों की बढ़ती आवाजाही और हमलों के मामलों को देखते हुए राज्य सरकार अलर्ट मोड पर है, इसी बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बड़ा बयान सामने आया है, सीएम ने स्पष्ट कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा है और इसके लिए सभी संबंधित विभागों को सख्त और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं, मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वन विभाग, जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस को परस्पर समन्वय बनाकर फील्ड में सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं, उनका कहना है कि किसी भी घटना को रोकने के लिए प्रोएक्टिव मॉनिटरिंग बेहद जरूरी है।
उन्होंने बताया “किसी भी कीमत पर जनता की जान-माल को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। हमने सभी विभागों को निर्देशित किया है कि आपसी समन्वय बनाकर फील्ड में तैनात रहें, ताकि जनता पूरी तरह सुरक्षित रहे।”
सरकार के अनुसार, जहाँ भी जंगली जानवरों की गतिविधि बढ़ी है चाहे वह ग्रामीण क्षेत्र हों या शहरी इलाके वहाँ विशेष टीमों की तैनाती की गई है, ड्रोन व ट्रैप कैमरों के माध्यम से लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने के लिए जागरूकता अभियानों को भी तेज किया गया है।
सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार की कोशिश है कि नागरिक पूरी तरह सुरक्षित महसूस करें, मानव–वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए प्रशासन लगातार हालात की समीक्षा कर रहा है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे।







