विकसित भारत जी राम जी जनजागरण अभियान के तहत आयोजित प्रदेश स्तरीय कार्यशाला की उपरांत मीडिया से बातचीत करते हुए केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे महत्वपूर्ण राज्य है, क्योंकि यहां गांवों और ग्रामीण आबादी की संख्या सबसे अधिक है। उन्होंने कहा कि हाल ही में पारित जी राम जी विधेयक का सबसे बड़ा लाभ यूपी के गांवों को मिलेगा और यही प्रदेश विकसित भारत मिशन 2047 का केंद्र बनेगा।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य केवल कानून की जानकारी देना नहीं, बल्कि यह समझाना है कि यह विधेयक गांवों का उत्थान कैसे करेगा। उन्होंने कहा कि संगठन और सरकार मिलकर गांव-गांव जाकर इस कानून के फायदे बताएंगे। किरण रिजिजू ने पुराने मनरेगा कानून की आलोचना करते हुए कहा कि “मनरेगा में 11 लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए, लेकिन इसके बावजूद गांवों में वह विकास नहीं हो पाया जो होना चाहिए था। जहां काम की जरूरत थी, वहां रोजगार नहीं मिला और जहां जरूरत नहीं थी, वहां पैसा बहाया गया।” उन्होंने आरोप लगाया कि पुरानी व्यवस्था लूट और भ्रष्टाचार का केंद्र बन गई थी, जिसमें करोड़ों रुपये का दुरुपयोग हुआ।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि जी राम जी विधेयक के तहत अब ग्रामीणों को 125 दिन का सुनिश्चित रोजगार मिलेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर काम देने में देरी होती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि धन के दुरुपयोग की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी कार्यों की निगरानी जियो टैगिंग के जरिए होगी किरण रिजिजू ने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है, इसलिए इस कानून में कृषि कार्यों को प्राथमिकता और विशेष छूट दी गई है। उन्होंने कहा कि आज भारत चावल उत्पादन में चीन से आगे पहले स्थान पर है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कृषि क्षेत्र में किए गए सुधारों का परिणाम है। विधेयक का प्रभाव सबसे अधिक दिखाई देगा।
किरण रिजिजू ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि “जब CAA लागू हुआ था, तब कांग्रेस और सपा ने मुस्लिम समाज को गुमराह किया था। आज भी इसी तरह का दुष्प्रचार किया जाएगा, लेकिन यह कानून बन चुका है, लागू होगा और इसके सकारात्मक परिणाम जमीन पर दिखेंगे।”
किरण रिजिजू ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब गांव मजबूत होंगे।
उन्होंने विश्वास जताया कि जी राम जी विधेयक ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाएगा और 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में यह एक ऐतिहासिक कदम साबित होगा।







