देशभर में चल रही मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर सियासत गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए सरकार पर तमाम आरोप लगाए हैं। वहीं अब योगी सरकार में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने अखिलेश के आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कड़ा पलटवार किया है।

दयाशंकर सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव और उनकी पार्टी को सबसे बड़ी चिंता इस बात की है कि फर्जी वोटर सूची से हट जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह कोई नई प्रक्रिया नहीं है। “2003 में भी ऐसा हुआ था और अब फिर वही नियमित प्रक्रिया दोहराई जा रही है। हर चुनाव से पहले मतदाता पुनरीक्षण होता है, कई बार विशेष पुनरीक्षण भी किया जाता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची में बड़ी संख्या में ऐसे नाम होते हैं जिनके धारक अब जीवित नहीं हैं, कई लोगों के नाम दो-दो जगह दर्ज हैं, और कुछ नाबालिगों के नाम भी गलती से सूची में शामिल हो जाते हैं। ऐसे गलत नाम हटाए जाने ही चाहिए, जबकि जिन योग्य लोगों के नाम अभी तक नहीं जुड़े, उन्हें सूची में जोड़ा जाएगा।
मंत्री ने सपा पर हमला बोलते हुए कहा कि लगातार चुनाव हारने से विपक्ष में भय व्याप्त हो गया है, इसलिए वे भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। “अखिलेश खुद भी इस काम में लगे हुए हैं, उनके कार्यकर्ता भी लगे हैं, और ऊपर से आरोप लगा रहे हैं कि प्रक्रिया गलत है,” अंत में मंत्री दयाशंकर सिंह ने स्पष्ट किया कि SIR एक निरंतर और अनिवार्य प्रक्रिया है, जिससे सभी को गुजरना ही होगा ।







