उत्तराखंड सरकार ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए पेंशन व्यवस्था में व्यापक सुधार किए हैं। अब दिव्यांगजनों, वृद्धावस्था पेंशनधारकों और विधवा महिलाओं को हर महीने की पांच तारीख से पहले ही उनके बैंक खातों में पेंशन की राशि सीधे ट्रांसफर की जा रही है। सरकार का कहना है कि इस नई व्यवस्था से लाभार्थियों को समय पर आर्थिक सहायता मिल रही है और लंबित भुगतान की समस्या लगभग समाप्त हो गई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि पहले पेंशन की राशि कई-कई महीनों तक खातों में नहीं पहुंच पाती थी, जिससे जरूरतमंदों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
अब DBT प्रणाली के जरिए प्रत्येक माह की पांच तारीख तक धनराशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा कराई जा रही है। इससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है और पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनी है।राज्य सरकार ने पेंशन की मासिक राशि में भी वृद्धि की है। पहले पेंशन राशि: ₹1000 प्रति माह थी जिसे अब बढ़ाकर: ₹1500 प्रति माह कर दिया गया है इस निर्णय से लाखों लाभार्थियों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।
सरकार ने एक और महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए यह व्यवस्था लागू की है कि यदि किसी परिवार में बुजुर्ग दंपत्ति हैं, तो अब दोनों को अलग-अलग पेंशन का लाभ मिलेगा। पहले यह सुविधा केवल एक सदस्य तक सीमित थी।इस निर्णय को सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि दिव्यांगजन, बुजुर्ग और विधवा महिलाएं समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उनके सम्मानजनक जीवन के लिए मजबूत सामाजिक सुरक्षा ढांचा तैयार करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को और सुदृढ़ करने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत रहेगी, ताकि जरूरतमंदों को समय पर और प्रभावी सहायता मिल सके।







