उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। बस्ती से समाजवादी पार्टी के सांसद और कुर्मी नेता राम प्रसाद चौधरी के भतीजे अरविंद चौधरी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। इस मुलाकात की तस्वीरें सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति में चर्चाएं बढ़ गई हैं।
कुर्मी वोट बैंक पर नजर
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी भी कुर्मी समाज से आते हैं। माना जा रहा है कि भाजपा कुर्मी वोटरों को फिर से अपने साथ जोड़ने की कोशिश में है। 2024 लोकसभा चुनाव में इस समाज की दूरी भाजपा के लिए नुकसानदेह मानी गई थी। वहीं पूर्वांचल में कुर्मी समर्थन के कारण सपा मजबूत मानी जाती है।
Also Read- घरेलू हिंसा केस में राजा भैया को बड़ी राहत, चार्जशीट पर दिल्ली कोर्ट ने संज्ञान से किया इनकार
मुलाकात के बाद बढ़ी सियासी चर्चा
सीएम योगी से मुलाकात के बाद बस्ती, अयोध्या, देवीपाटन और गोरखपुर मंडल में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। अरविंद चौधरी पहले बसपा के टिकट पर 2009 से 2014 तक बस्ती से सांसद रह चुके हैं। अब उनकी भाजपा में शामिल होने की अटकलें लगाई जा रही हैं।
परिवार की राजनीति भी चर्चा में
चर्चा है कि राम प्रसाद चौधरी ने अपने बेटे की राजनीति को आगे बढ़ाया, जिससे अरविंद चौधरी पीछे रह गए। स्थानीय स्तर पर यह भी कहा जा रहा है कि इसी वजह से अरविंद नई राजनीतिक राह तलाश सकते हैं।
क्या बीजेपी से चुनाव लड़ेंगे?
राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि भाजपा अरविंद चौधरी को कप्तानगंज विधानसभा सीट से चुनाव लड़वा सकती है। कुछ लोग यह भी मानते हैं कि वह बस्ती सदर सीट से चुनाव लड़कर अपनी ताकत दिखाना चाहते हैं। अगर ऐसा होता है तो इससे सपा को बड़ा झटका लग सकता है। फिलहाल इस मुलाकात के बाद कयासों का दौर जारी है, लेकिन अरविंद चौधरी की अगली राजनीतिक चाल पर सभी की नजरें टिकी हैं।







