उत्तर प्रदेश की राजनीति में फिर बड़ा तूफान उठने वाला है! क्या योगी सरकार में सत्ता का समीकरण बदलने जा रहा है? क्या यूपी को मिलने वाला है तीसरा डिप्टी सीएम? और क्या मंत्रिमंडल के 70 फीसदी चेहरों की छुट्टी तय मानी जा रही है? लखनऊ से दिल्ली तक सियासी हलचल तेज है और सत्ता के गलियारों में एक बड़े राजनीतिक रीसेट की चर्चा जोर पकड़ चुकी है।
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सूत्रों के मुताबिक योगी आदित्यनाथ सरकार में जल्द ही मंत्रिमंडल विस्तार और संगठनात्मक फेरबदल देखने को मिल सकता है। बताया जा रहा है कि अगले एक महीने के भीतर भाजपा प्रदेश संगठन में बड़ा बदलाव किया जा सकता है। जिला इकाइयों से लेकर क्षेत्रीय अध्यक्षों तक नई जिम्मेदारियां तय करने की तैयारी चल रही है, जिससे 2027 विधानसभा चुनाव और आगामी पंचायत चुनावों की मजबूत नींव रखी जा सके। राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में सबसे बड़ा सवाल तीसरे डिप्टी सीएम को लेकर है। माना जा रहा है कि भाजपा सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश से किसी प्रभावशाली चेहरे को उपमुख्यमंत्री बना सकती है। इससे पूर्वांचल और पश्चिम यूपी के बीच राजनीतिक संतुलन स्थापित करने की रणनीति देखी जा रही है।

इसी के साथ मंत्रिमंडल में बड़ा बदलाव भी संभव बताया जा रहा है। करीब 15 नए विधायकों और संगठन से जुड़े नेताओं को मंत्री बनाए जाने पर विचार चल रहा है, जबकि कई मौजूदा मंत्रियों की जिम्मेदारी खत्म हो सकती है। ब्राह्मण वोट बैंक को साधने के लिए संगठन में भी महत्वपूर्ण बदलाव की चर्चा है। हालांकि अभी तक पार्टी या सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन सियासी संकेत साफ हैं — 2027 की तैयारी शुरू हो चुकी है और भाजपा उत्तर प्रदेश में चुनावी समीकरणों को नए सिरे से सेट करने की रणनीति पर काम कर रही है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि यह बदलाव सिर्फ संगठन तक सीमित रहेगा या सत्ता संरचना में भी बड़ा राजनीतिक संदेश देगा।







