उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता के प्रभावी रूप से लागू होने को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसे राज्य ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज़ादी के बाद उत्तराखंड पहला राज्य है, जहां समान नागरिक संहिता का कानून ज़मीन पर लागू किया गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस पहल का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन को देते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान जनता से किया गया यह वादा अब पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि यूसीसी का उद्देश्य सभी नागरिकों को समान न्याय, पारदर्शिता और सरल कानूनी प्रक्रिया उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि यूसीसी के लागू होने से समाज में व्याप्त कई कुरीतियों पर रोक लगी है। विशेष रूप से मुस्लिम महिलाओं को हलाला, इद्दत जैसी प्रथाओं से मुक्ति मिली है। साथ ही, कानून के डिजिटलीकरण के चलते लोगों को कई सेवाएं घर बैठे उपलब्ध हो रही हैं, जिससे प्रक्रियाएं अधिक सरल और समयबद्ध हुई हैं।
उन्होंने कहा कि यूसीसी के सफल क्रियान्वयन का एक वर्ष पूरा होना देवभूमि उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय है। इस कानून के चलते प्रदेश में सामाजिक समरसता को बढ़ावा मिला है और जनता में सकारात्मक उत्साह का माहौल है।







